राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि राजस्व मामलों में ऑफलाइन काम स्वीकार नहीं होगा और शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। नवपदस्थापित एडीएम-डीसीएलआर के प्रशिक्षण में कानून, ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड, न्यायालय संचालन और जनसंवाद पर जोर दिया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद किसी भी स्तर पर ऑफलाइन कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। राजस्व मामलों में ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों को कानून और नियमों की जानकारी के साथ विभाग की ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड और डेटा स्ट्रक्चर की भी पूरी समझ होनी चाहिए।
राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में सोमवार से नवपदस्थापित अपर समाहर्ताओं (एडीएम) और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए जय सिंह ने अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों के संचालन, आदेश पारित करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन सेवाओं और अंचल स्तर पर कार्यों की निगरानी को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
जय सिंह ने कहा कि डीसीएलआर का अधिकांश कार्य विभिन्न मामलों में आदेश पारित करने से संबंधित होता है। ऐसे में अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों में सबसे अधिक आने वाले मामलों का गहन अध्ययन करना चाहिए। किसी मामले में आदेश पारित करने से पहले यदि किसी बिंदु पर स्पष्टता की आवश्यकता हो तो वरीय अधिकारियों से सलाह लें। उन्होंने राजस्व से संबंधित कानूनों और नियमों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए नियमित अध्ययन और मेहनत करने की सलाह दी।
सचिव ने अधिकारियों को आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को समझने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में राजस्व प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, विशेष सचिव (सेवानिवृत्त) राधामोहन प्रसाद, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।