रेलवे बोर्ड ने एक उच्च स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा केंद्रीयकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से कराई जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने यह कदम RRB की निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को देखते हुए उठाया है। इसके लिए सभी क्षेत्रीय रेलवे एक परीक्षा कैलेंडर तैयार करेंगे और परीक्षाएं उसी के अनुसार कराई जाएंगी।
प्रयोगशालाओं और केंद्रों की निगरानी टीमें लगातार बदली जाती हैं ताकि किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना को समाप्त किया जा सके।
पात्रता मानदंड और नकली आवेदनों पर रोक
RRB ने पात्रता के सभी महत्वपूर्ण डेटा (जाति, प्रमाण पत्र संख्या, मोबाइल नंबर, पहचान के निशान, फोटो, हस्ताक्षर, जन्म तिथि, योग्यता आदि) को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर संरक्षित किया है। नकली आवेदनों की पहचान के लिए एडमिट कार्ड पर QR कोड और बारकोड का उपयोग किया जाता है। उम्मीदवारों को अपना प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका और उत्तर कुंजी देखने का मौका दिया जाता है और अगर कोई गलती हो तो उसे सुधारने के लिए आपत्ति दर्ज करने की सुविधा भी मिलती है।
रेलवे की नई नीति से उम्मीदवारों को होगा फायदा
रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा अब विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का आयोजन पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के तहत होगा। इससे न केवल परीक्षाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, बल्कि परीक्षार्थियों को बिना किसी गड़बड़ी के निष्पक्ष परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा।