कैमूर जिले में नुआंव थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। ढाई करोड़ की हेरोइन के साथ दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तस्करी के लिए यूपी से लेकर भोजपुर जिले के बिहिया जा रहे तस्करों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग पहले भी हेरोइन की डिलीवरी कर चुके हैं। जहां डिलीवरी देने और लेने के लिए नई मोबाइल और सिम दिया जाता था। गिरफ्तार दोनों तस्कर उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के दिलदारनगर के निवासी हैं।
प्रेस वार्ता करते हुए मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने बताया, कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला के निर्देश पर नुआंव थानाध्यक्ष के द्वारा सशस्त्र बल के साथ अकोल्ही फील्ड के पास आने जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अकोल्ही की तरफ से एक बाइक आते दिखाई दी, जिस पर दो व्यक्ति सवार थे। इन्हें पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो बाइक को तेजी से लेकर भागने लगे,
जिसे पुलिस के द्वारा पीछा किया गया तो जैतपुरा पंप कैनाल नहर में पलट गए।
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वहीं, दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए और गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। उसके बाद दोनों को पुलिस द्वारा स्थानीय पीएचसी में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां पुलिसिया पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि बाइक की डिक्की में हेरोइन है। उसके बाद पुलिस ने डिक्की से पांच प्लास्टिक के डिब्बे से 2.511 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुआ। इसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत दो करोड़ 50 लाख रुपये बताया जाता है। वहीं, पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार दोनों युवक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला, दिलदार नगर थाना क्षेत्र के कुसी गांव निवासी मंगल सिंह कुशवाहा का पुत्र प्रमोद कुमार, रूपेश कुमार उर्फ रितेश कुमार बताया जाता है।एसडीपीओ ने बताया कि इन्हें हेरोइन लेकर डिलीवरी करने के लिए पांच हजार रुपये दिया गया था और इन्हें हेरोइन की डिलीवरी के लिए मैसेज किया जाता है कि माल कहां से कहां पहुंचना है और इसके साथ ही इन्हें नया मोबाइल फोन और नया सिम दिया जाता है। ये लोग पहले भी हेरोइन की डिलीवरी कर चुके हैं और जहां करते हैं, उसका पहले भी हेरोइन बेचने का इतिहास रहा है। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।