फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: बिहार पुलिस के डॉग स्कॉयड में जल्द शामिल होंगे 30 प्रशिक्षित डॉग्स, हैदराबाद में हो रहे प्रशिक्षित

Wed, 10 Sep 2025 08:37 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : अपराध के बाद मामले को सुलझाने में अनुसंधानकर्ता की अहम भूमिका होती है। इसके लिए बिहार पुलिस के डॉग (कुत्ता) स्कॉयड में जल्द ही 30 प्रशिक्षित डॉग्स शामिल किए जाएंगे। उनसभी डॉग्स को फिलहाल हैदराबाद में प्रशिक्षित किया जा रहा है। 
विज्ञापन
डॉग स्कॉयड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार पुलिस के डॉग (कुत्ता) स्कॉयड में जल्द ही 30 प्रशिक्षित डॉग्स शामिल होने जा रहे हैं। वर्तमान में इन सभी का प्रशिक्षण हैदराबाद के मोइनाबाद स्थित आईआईटीए (इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी) में हो रहा है। इस बात की जानकारी एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि आने वाले दो से तीन महीने में सभी प्रशिक्षित डॉग्स बिहार पुलिस के डॉग स्कॉयड के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। मौजूदा समय में इस बेड़े में 67 डॉग्स मौजूद हैं। नए डॉग्स के शामिल हो जाने के बाद से इनकी संख्या 97 हो जाएगी। 

विज्ञापन


 एडीजी पारसनाथ ने बताया कि डॉग्स स्कॉयड में कुत्तों के स्वीकृत पदों की संख्या 200 है। परंतु सिर्फ 67 ही अभी तैनात हैं। इस वर्ष के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 97 हो जाएगी। इसके अलावा 50 नए डॉग्स को खरीदने की प्रक्रिया अभी जारी है। इन्हें पंजाब स्थित होमगार्ड ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट्स से खरीदा जा रहा है। दो से तीन महीने में इनके खरीद की तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद इन्हें मोइनाबाद स्थित संस्थान में प्रशिक्षित करने के बाद डॉग स्कॉयड में शामिल कर लिया जाएगा। इससे पुलिस बेड़े में डॉग्स की कुल संख्या बढ़कर 147 हो जाएगी। 

एडीजी पारसनाथ ने बताया कि पुलिस दस्ते में जो 67 श्वान कार्यरत हैं, जिसमें विस्फोटकों की पहचान करने वालों की संख्या 19, ट्रेकर 21, शराब पहचानने वाले 21 और मादक पदार्थों को जांच वाले श्वान की संख्या 6 है। इसमें विभिन्न नस्ल के श्वान कार्यरत है, जिसमें 55 लेब्राडोर, 2 गोल्डन रिट्रिवर, 6 बेल्जिन मेलिनोईस और 4 जर्मन सेफर्ड शामिल हैं। इनकी तैनाती विभिन्न पुलिस रेंज मुख्यालय में करके रखी गई है। इन डॉग्स का उपयोग घटनाओं का अनुसंधान, मादक विस्फोटक पदार्थों की खोज करने के अलावा वीवीआईपी कार्यक्रम के स्थल की जांच करने के लिए खासतौर से प्रयोग किया जाता है। इन दिनों अवैध शराब को पकड़ने में भी इन प्रशिक्षित श्वानों का उपयोग काफी बढ़ गया है। श्वान का दिन पर दिन बढ़ते उपयोग को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रेस वार्ता के दौरान आईजी (सीआईडी) दलजीत सिंह समेत अन्य मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें