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Bihar: प्रदेश को मिले दो नए रामसर स्थल, कुल संख्या हुई 5, गोकुल जलाशय-उदयपुर झील को मिली नई पहचान; PM ने सराहा

Sat, 27 Sep 2025 03:43 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: पश्चिम चंपारण की उदयपुर झील, जो रामसर सूची में स्थल संख्या 2577 है, एक प्राकृतिक ऑक्सबो झील है। यह झील उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य से घिरी हुई है। यहां 280 से अधिक वनस्पति प्रजातियां और 35 प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं।  
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पक्षी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार ने जैव विविधता और आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य के बक्सर जिले में स्थित गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण जिले की उदयपुर झील (319 हेक्टेयर) को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि यानी रामसर साइट का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही बिहार में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर पाँच हो गई है, जबकि भारत में कुल संख्या 93 तक पहुँच गई है। ये सभी स्थल लगभग 13,60,719 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। यह उपलब्धि जैव विविधता संरक्षण, जलवायु संतुलन और सतत आजीविका के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
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पक्षी - फोटो : अमर उजाला

गोकुल जलाशय: गंगा का वरदान
बक्सर का गोकुल जलाशय गंगा नदी की बाढ़ से निर्मित एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है। गर्मियों में यह दलदली क्षेत्र व कृषि भूमि में बदल जाता है, जबकि मानसून में जलभराव से लबालब हो जाता है। बाढ़ के समय यह ग्रामीणों के लिए प्राकृतिक बफर का काम करता है। यहां 50 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। स्थानीय लोग मछली पालन, सिंचाई और खेती के लिए इस पर निर्भर हैं। हर वर्ष ग्रामीण सामूहिक रूप से इसकी सफाई कर संरक्षण में सहयोग करते हैं।

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पक्षी - फोटो : अमर उजाला

उदयपुर झील: जैव विविधता का खजाना
पश्चिम चंपारण की उदयपुर झील, जो रामसर सूची में स्थल संख्या 2577 है, एक प्राकृतिक ऑक्सबो झील है। यह झील उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य से घिरी हुई है। यहां 280 से अधिक वनस्पति प्रजातियां और 35 प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें असुरक्षित श्रेणी की कॉमन पोचार्ड जैसी प्रजातियाँ भी शामिल हैं, जो इसकी पारिस्थितिक महत्ता को दर्शाती हैं।

जलाशय - फोटो : अमर उजाला

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार: संरक्षण और विकास का मॉडल

  • राज्य की आर्द्रभूमियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान

  • जैव विविधता संरक्षण, जलवायु संतुलन और सतत आजीविका में अग्रणी भूमिका

  • सामुदायिक सहभागिता और सही नीतियों से पर्यावरण और विकास का संतुलन संभव

सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम
गोकुल जलाशय और उदयपुर झील का रामसर स्थल बनना न केवल बिहार, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। यह कदम आर्द्रभूमि संरक्षण को मजबूती देगा और स्थानीय समुदायों की आजीविका के साथ जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में सहायक होगा।

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पीएम मोदी - फोटो : PTI

पीएम मोदी ने सराहा
यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोकुल जलाशय और उदयपुर झील के शामिल होने की सराहना करते हुए इसे भारत की पर्यावरणीय संरक्षण की उपलब्धि बताया। केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत ही अच्छी खबर! आर्द्रभूमियां सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बिहार के लोगों को विशेष प्रशंसा, जो विचार और कर्म दोनों में यह दिखा रहे हैं कि पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी कैसे बने।
 

 

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