Bihar : विधानसभा चुनाव में करारी हार और सत्र के दौरान विदेश चले जाने से तेजस्वी यादव की खूब किरकिरी हुई। चूड़ा-दही के भोज में लालू प्रसाद के तेज प्रताप के आवास पर जाने के भी कई मतलब निकलने लगे। अब राजद की कमान बदलने की कवायद शुरू हो गई है। वजह समझिए..
बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम होने वाला है। राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 25 जनवरी को होने वाली है। सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने पर अंतिम मुहर लग सकती है?
नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी
इस संबंध में बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की उपस्थिति में होने वाली इस बैठक में तेजस्वी यादव के कद को और बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भविष्य की चुनौतियों और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन की कमान अब पूरी तरह तेजस्वी के हाथों में सौंपने की तैयारी है। वर्तमान में तेजस्वी बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं और हार के बावजूद पार्टी के सबसे लोकप्रिय चेहरे बने हुए हैं।
सुरक्षा में कटौती और सियासी घमासान
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार की समीक्षा के बाद उनकी सुरक्षा श्रेणी घटाई गई है, जिसे राष्ट्रीय जनता दल ने राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। हालांकि बिहार सरकार का तर्क है कि यह फैसला खतरे के आकलन के आधार पर लिया जाता है।
नीतीश सरकार पर तेजस्वी का तीखा प्रहार
शनिवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार और भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज संवैधानिक संस्थाओं को हाइजैक कर लिया गया है। परिवारवाद पर उपदेश देने वाले भाजपा नेता बताएं कि उनके अध्यक्ष किसके बेटे हैं? तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि सरकार में ऐसे लोग मंत्री बने बैठे हैं जो चुनाव तक नहीं जीत पाए। जनता सब देख रही है, हम लड़ेंगे और जीतेंगे।