Bihar : तेज प्रताप पर अपने पुराने सहयोगी के साथ मारपीट करने का मामला शांत होते ही एक और मामला चर्चा में है। इस बार तेज प्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सहयोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, साथ ही सम्राट चौधरी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
2025 समाप्त होते-होते एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव चर्चा में हैं। इस बार मामला उनकी अपनी ही पार्टी जनशक्ति जनता दल के पूर्व पदाधिकारी संतोष रेणु यादव से जुड़ा है। तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाने पहुंचकर संतोष रेणु के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धमकी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
तेज प्रताप यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संतोष रेणु यादव पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त वह थे। उन्होंने संतोष पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में सचिवालय थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर कांड संख्या 247/ 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी थी 'जंग'
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तेज प्रताप ने संतोष रेणु को बिहार पुलिस बहाली में कथित दलाली और अनुशासनहीनता के आरोपों में पद से हटा दिया था। इसके बाद संतोष रेणु ने भी जनशक्ति जनता दल पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बीते कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग चल रही थी। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने संतोष को लीगल नोटिस भेजते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसपर संतोष रेणु ने पलटवार करते हुए तेज प्रताप पर जातिवादी राजनीति करने और कार्यकर्ताओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि तेज प्रताप सत्ता और पैसे के अहंकार में डूबे हैं।
सम्राट चौधरी से सुरक्षा की लगाई गुहार
इस संबंध में तेज प्रताप यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने संतोष रेणु से अपनी जान को खतरा बताते हुए अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।