Bihar : बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक मिलान की प्रक्रिया शुरू हुई, तो अधिकारियों को छह युवकों पर संदेह हो गया।
बिहार पुलिस में सिपाही बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के बीच सेंधमारी की कोशिश करने वाले छह जालसाजों को पुलिस ने धर दबोचा है। मामला राजधानी पटना के गर्दनीबाग हाईस्कूल मैदान का है, जहां चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे, जिन्हें जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल
इस मामले की जानकारी देते हुए गर्दनीबाग़ थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि गर्दनीबाग स्थित मैदान में सिपाही भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान जब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक मिलान की प्रक्रिया शुरू हुई, तो अधिकारियों को छह युवकों पर संदेह हुआ। जांच में पाया गया कि ये युवक लिखित परीक्षा में सफल होने वाले वास्तविक उम्मीदवारों के स्थान पर फिजिकल टेस्ट देने आए थे। तकनीकी मिलान और चेहरे की पहचान के दौरान इनकी चालाकी पकड़ी गई।
अलग-अलग जिलों के हैं आरोपी
गर्दनीबाग के थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि चयन पर्षद के अधिकारियों ने इन युवकों को फर्जीवाड़े के आरोप में पुलिस के हवाले किया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दूसरों के बदले परीक्षा में शामिल होने के लिए आए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए युवक बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सिवान निवासी खुशबुद्दीन अंसारी, कटिहार निवासी कुणाल कुमार, बक्सर निवासी शिवम कुमार, दरभंगा निवासी पंकज कुमार, रोहतास निवासी रोशन कुमार और नवादा निवासी विजित कुमार के रूप में की गई है।
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सख्ती के बावजूद सेंधमारी की कोशिश
चयन पर्षद द्वारा परीक्षा में पारदर्शिता बरतने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, इसके बावजूद सॉल्वर गैंग के गुर्गे मैदान तक पहुंचने का दुस्साहस कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन युवकों को भेजने के पीछे किस बड़े गिरोह का हाथ है और इसके बदले में कितनी रकम का लेनदेन तय हुआ था।