Bihar : मां सरस्वती की पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। वर्ष 1976 बैच के एनएमसीएच में नामांकित चिकित्सकों के 50 वर्ष पूरे होने पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
नालंदा मेडिकल कॉलेज परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस मौके पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. उषा कुमारी और एलुमनी सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। पूजा के उल्लास के बीच संस्थान के गौरवशाली भविष्य और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।
1993 बैच कर रहा है मेजबानी
एलुमनी मीट की आयोजन समिति के सचिव डॉ. पुनीत कुमार ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन 1993 बैच के पूर्व छात्रों द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रह रहे पूर्व छात्र-छात्राओं में भी भारी उत्साह है। बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है।
50 साल का सफर के बाद अब सम्मान
इस वर्ष के समारोह की सबसे बड़ी विशेषता 1976 बैच का सम्मान होगा। इस संबंध में आयोजन समिति का कहना है कि वर्ष 1976 में कॉलेज में दाखिला लेने वाले चिकित्सकों के 50 वर्ष पूरे होने पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर एक स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा, जिसमें कॉलेज के स्वर्णिम इतिहास और एलुमनी की उपलब्धियों का जिक्र होगा।
दिन में चर्चा, शाम को सांस्कृतिक संध्या
सोसाइटी के सचिव डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अब तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम का शेड्यूल सुबह और शाम का है। कॉलेज परिसर में सुबह में चिकित्सा जगत के समसामयिक विषयों पर सीएमई सत्र का आयोजन। वहीं शाम में ऊर्जा स्टेडियम में गाला डिनर और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक, चिकित्सक और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने माँ सरस्वती से संस्थान की उन्नति की कामना की।