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Bihar : राजद में रार, रोहिणी का तेजस्वी पर प्रहार; कहा- आयातित गुरुओं ने पार्टी को बर्बादी की कगार पर पहुंचाया

Tue, 27 Jan 2026 10:11 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : बिहार की राजनीति और राजद परिवार के भीतर घमासान मचा है। 
 रोहिणी ने पार्टी की मौजूदा स्थिति और हालिया चुनावी नतीजों को लेकर पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर लगातार किए जा रहे पोस्ट से तेजस्वी की परेशानी बढ़ रही है। 
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रोहिणी आचार्या और तेजस्वी यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय जनता दल के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला किया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी की मौजूदा स्थिति और हालिया चुनावी नतीजों को लेकर नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके इस बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या राजद के भीतर आंतरिक खींचतान अब खुले विद्रोह का रूप ले रही है?

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नतीजे बता रहे हैं किसने क्या किया
रोहिणी आचार्य ने फेसबुक और एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया, इसका जवाब किसी भाषण या उपदेश में ढूंढने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजे और पार्टी की मौजूदा हालत खुद गवाही दे रही है। रोहिणी का इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी के प्रदर्शन की ओर था।
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आयातित गुरु और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी
रोहिणी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्हें पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने अपने आयातित गुरु और करीबियों के चक्कर में पड़कर लालू प्रसाद यादव के प्रति समर्पित सच्चे लालूवादियों' को किनारे कर दिया। उन्होंने कहा कि दशकों के संघर्ष और कार्यकर्ताओं की मेहनत को नज़रअंदाज़ कर संगठन को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया गया है। अगर नेतृत्व में नैतिक साहस है, तो उसे खुले मंच पर इन सवालों का सामना करना चाहिए।

समीक्षा रिपोर्ट पर उठाए सवाल, पूछा- क्या हुई कार्रवाई?
पार्टी के भीतर हार के कारणों पर होने वाली समीक्षा प्रक्रिया पर भी रोहिणी ने तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों को लालू जी को नजरअंदाज़ कर सर्वेसर्वा बनाया गया, उन्होंने आखिर पार्टी के लिए किया क्या? समीक्षा के नाम पर जो ड्रामा हुआ, उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? जिन चेहरों पर हार का ठीकरा फूटा, उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? रोहिणी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ये सवाल पहले भी उठे थे और आगे भी उठते रहेंगे। उनके इस कड़े रुख से साफ है कि राजद के भीतर गुटबाजी अब चरम पर है और परिवार के भीतर की यह कलह आगामी चुनावों में पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

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