Bihar : बिहार में प्रचंड ठंढ़ और कुहासा ने जिंदगी की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दी है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ इस भीषण कंपकपी में भी सियासी पारा इतना बढ़ा हुआ है कि सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष और सहयोगी दलों के पसीने छूट रहे हैं।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर 'ऑपरेशन लालटेन' और 'ऑपरेशन तीर' को लेकर दावों का दौर शुरू हो गया है। सूबे के सियासी गलियारों में अब इस बात कीसुगबुगाहट तेज हो गई है कि खरमास के बाद कोई बड़ा उलटफेर हो सकता हैक्या ? जहाँ एक तरफ जनता दल यूनाइटेड का दावा है कि राष्ट्रीय जनता दल के कई विधायक जदयू के संपर्क में हैं, वहीं तेजस्वी यादव की पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि जदयू का वजूद ही खत्म होने वाला है और उनके नेता पाला बदलने को बेताब हैं।
नीतीश के सिपहसालारों का दावा - राजद में मचेगी भगदड़
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा करते हुए कहा है कि राजद के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि राजद के लगभग 17-18 विधायक अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और वे विकास की मुख्यधारा यानी एनडीए से जुड़ना चाहते हैं। जदयू का कहना है कि संपर्क में आए नेताओं की सूची लंबी है, इसलिए फिलहाल उन्हें वेटिंग में रखा गया है। नीरज कुमार ने कहा कि सही समय आने पर 'बड़ा धमाका' किया जाएगा, फिलहाल आपलोग थोडा इंतजार का मजा लीजिए।
राजद का तीखा पलटवार- हमारे टच में है आधी जदयू
इधर, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने जदयू के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'भ्रम की राजनीति' करार दिया है। उन्होंने कहा कि जदयू के अंदर ही भारी असंतोष है। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने तंज कसते हुए कहा है कि जदयू तो डूबती हुई नाव है। उनके विधायक ही तय कर चुके हैं कि उन्हें कहाँ जाना है। जदयू के 65 विधायक राजद के संपर्क में हैं, एक दिन नीतीश जी बस देखते रह जाएंगे।