आरडीए ने जारी किया पत्र।
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आरडीए की प्रमुख मांगें
डॉक्टरों ने प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं –
1. विधायक चेतन आनंद, डॉ. आयुषी सिंह और उनके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
2. अस्पताल परिसर में पर्याप्त और स्थायी सुरक्षा बल की तैनाती हो।
3. अस्पताल प्रशासन इस घटना की सार्वजनिक निंदा करे और लिखित आश्वासन दे।
4. स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए मजबूत और स्थायी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।
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प्रशासन पर डॉक्टरों ने डाली जिम्मेदारी
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने साफ तौर पर कहा है कि अगर तय समय तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 1 अगस्त की सुबह 9 बजे से आपात सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद सेवा बाधित होने की सारी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। डॉक्टरों ने कहा कि वे मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन जान और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यदि अस्पताल परिसर में ही डॉक्टर असुरक्षित हैं तो काम करना असंभव है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।