बिहार में नई सरकार के गठन के बाद राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण के नाम पर दलित–गरीबों, छोटे व्यवसायियों और फुटपाथ दुकानदारों पर चल रहे बुलडोजर अभियान के खिलाफ आज भाकपा माले और व्यवसायी महासंघ के संयुक्त बैनर तले पूरे राज्य में धरना प्रदर्शन दिया गया। विरोध प्रदर्शन करने वाले में नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों ने “बुलडोजर नहीं, पर्चा दो; रोज़ी-रोटी की सुरक्षा दो!” का नारा लगाकर सरकार का विरोध जताया। राजधानी पटना में विधानसभा के समक्ष गर्दनीबाग धरनास्थल पर विशाल धरना हुआ। आरा, बक्सर, गया, दरभंगा, बेगूसराय, नवादा, जहानाबाद, सीवान, अरवल, मोतिहारी समेत कई जिलों में प्रतिवाद मार्च निकाले गए और सरकार को चेतावनी दी गई कि वह तत्काल बुलडोजर अभियान पर रोक लगाए।
पटना के धरना कार्यक्रम में माले के पूर्व विधायक महबूब आलम, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, एमएलसी शशि यादव, काराकाट विधायक अरुण सिंह, दीघा से उम्मीदवार दिव्या गौतम, नगर सचिव जितेंद्र कुमार, फुटपाथ दुकानदारों के नेता शहजादे आलम और मुर्तज़ा अली सहित कई नेता उपस्थित थे। पटना शहर के न्यू मार्केट, महावीर मंदिर, वीणा सिनेमा, दक्षिण बुद्धा पार्क, दीघा हाट, जगदेव पथ, कारगिल चौक, चितकोहरा बाजार, मंगलेश रोड से सचिवालय और गोरिया टोली क्षेत्रों से भारी संख्या में वे गरीब और दुकानदार शामिल हुए जो हाल के दिनों में बुलडोजर अभियान से प्रभावित हुए हैं।
महबूब आलम बोले- भ्रम में न रहे भाजपा
धरने को संबोधित करते हुए महबूब आलम ने कहा कि बिहार की नई सरकार में भाजपा का वर्चस्व है और गृह विभाग संभालते ही सम्राट चौधरी आम लोगों पर बुलडोजर चलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रम में न रहे-चुनाव भले ही बेईमानी से जीता हो, लेकिन बिहार का गरीब अपने अधिकारों को लेकर सजग है। जब तक माले है, गरीबों की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से अविलंब बुलडोजर अभियान रोकने और सभी जरूरतमंदों के लिए आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि चुनाव से पहले 10 हजार की घूस ली गई और अब गरीबों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। यह किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। बिहार के गरीब अपने अधिकारों को लेकर लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। एनडीए सरकार कॉरपोरेट और भूमाफियाओं की संरक्षक बन चुकी है, उन्हीं के हित में गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।
दिव्या गौतम ने कहा- गरीबों के घर उजाड़े का रहे
गोपाल रविदास ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा के शिवनंदन नगर में दशकों से बसे गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। यह कैसा न्याय है? दिव्या गौतम ने कहा कि पटना में अतिक्रमण के नाम पर हर जगह शहरी गरीबों के घर उजाड़ा जा रहा है। चुनाव खत्म होते ही भाजपा-जदयू का असली चेहरा सामने आ गया है। हम भले चुनाव हार गए हों, लेकिन जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। एमएलसी शशि यादव ने कहा कि भाजपा-जदयू चुनाव जीतने के अहंकार में न रहे। पूरा बिहार इनका विरोध करेगा। आप गरीबों की आवाज दबा नहीं सकते हैं।
फुटकर दुकानदारों ने पूछा यह बड़ा सवाल
फुटपाथ दुकानदारों के नेता शहजादे आलम ने कहा कि जब पटना नगर निगम ने वेंडिंग पहचान पत्र जारी किए हैं और उसी आधार पर प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 हजार से 50 हजार तक का लोन दिया गया है, तो फिर अतिक्रमण के नाम पर जुर्माना लेकर ठेले क्यों जब्त किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि पटना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में जिन दलित-गरीबों और दुकानदारों पर बुलडोजर चला है, उनकी पुरानी स्थिति बहाल की जाए या उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।