विधान परिषद् में काले लिबास में विरोध करती राबड़ी देवी
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानसून सत्र के दूसरे दिन विधान मंडल में थे। पहले विधानसभा में और फिर विधान परिषद में, विपक्ष के सदस्य काले कपड़े में नजर आने लगे। विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तक काली साड़ी में आईं। विपक्षी सदस्यों को काले कपड़े में देखकर जहां स्पीकर ने कहा कि कामना करता हूं कि आप इसी तरह रहें, वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह सब देखकर अचानक उठकर निकल गए। दरअसल बिहार चुनाव के पहले हो रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण से विपक्षी दल गुस्से में हैं। विपक्षी दल बिहार विधानसभा और विधान परिषद में इस पर सरकार को घेरना चाहते हैं। इसलिए इस पर चर्चा की मांग हो रही है। जबकि, सरकार का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए इस पर यहां बहस करना उचित नहीं होगा। सरकार और विपक्ष के बीच इसी मुद्दे पर रार मची है। विपक्ष का काला ड्रेस सरकार के साथ ही विधानसभा और विधान परिषद के निर्णय के खिलाफ भी है।
विधान परिषद में सरकार की ओर से कहा गया कि चुनाव आयोग ने इन्ही के बातों पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि जो मतदाता सूची मे जो वास्तविक रूप से हैं उन्हें हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने अभी कहा कि विपक्ष के यह लोग यह भी बताएं कि जिनके नाम छूट गया है या नहीं शामिल हुआ है वह सूची उपलब्ध कराएं। सत्ता पक्ष की सफाई के बावजूद के विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी और अब्दुल बारी सिद्दीकी छोड़कर पूरा विपक्ष वेल में जाकर हंगामा करने लगा। विपक्षी नेताओं ने ताली बजाकर विरोध जताया।