एनआईए की टीम ने तीनों संदिग्धों के ठिकानों से उनके आधार कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किया है। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक कुछ खुलासा नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि जाली नोट समेत कई मामले में यह कार्रवाई हुई है।
मोतिहारी के चकिया थाना क्षेत्र और आदापुर थाना क्षेत्र में आज सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। चकिया थाना के कोयला बेलवा गांव और आदापुर थाना क्षेत्र के अरड़ा गांव में केंद्रीय एजेंसी की टीम ने जांच अभियान चलाया। करीब दो से तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान चकिया के शिक्षक मनोज पाठक के घर तथा आदापुर क्षेत्र के रूदल पासवान और बद्री पासवान के घर में तलाशी ली गई। NIA की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ सुबह-सुबह ही दोनों जगह पहुंची थी। टीम के सदस्य घरों के सभी दस्तावेजों को बाहर निकालकर एक-एक करके उनकी गहन जांच कर रहे हैं।
कुवैत में काम करता था धीरज
मिली जानकारी के अनुसार धीरज तिवारी कुवैत में रहकर काम करता था और उसने नेपाल की नागरिकता लेने के साथ भारत में भी फर्जी आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज बनवा रखे थे। उसकी पत्नी की मौत 2018 में हो चुकी है, लेकिन उसके बैंक खाते अभी भी सक्रिय थे और उनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। पत्नी की मौत के बाद धीरज ने अपनी साली से शादी कर ली थी। विदेश से आने पर वह अक्सर अपने ससुराल कोयला बेलवा में ही ठहरता था। इसी कारण एनआईए ने उसके आदापुर स्थित घर और ससुराल कोयला बेलवा दोनों जगहों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, धीरज तिवारी की पूरे मामले में बड़ी संलिप्तता मानी जा रही है।