फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar : मोकामा-मुंगेर हाई-स्पीड कॉरिडोर और भागलपुर से रेल लाइन कैबिनेट में पास, जल्द होगा काम शुरू

Wed, 10 Sep 2025 05:40 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : केंद्र सरकार के कैबिनेट ने बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर खंड के निर्माण को हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर मंजूरी मिल गई है। साथ ही भागलपुर से रेल लाइन दोहरीकरण की परियोजना को स्वीकृति मिली है।
विज्ञापन
कैबिनेट में हुआ पास - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विधान सभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को एक नहीं बल्कि दो बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट में आज मोकामा-मुंगेर हाई-स्पीड कॉरिडोर और भागलपुर से रेल लाइन दोहरीकरण की परियोजना को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं पर करीब 7500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। वहीं बक्सर से भागलपुर के बीच हाई-स्पीड कॉरिडोर की भी स्वीकृती मिल गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी घोषणा की है।  

विज्ञापन


इस संबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने बिहार में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर खंड के निर्माण को हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना की कुल लंबाई 82.4 किलोमीटर होगी, जिस पर  लगभग 4,447.38 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि, यह बक्सर से भागलपुर तक कॉरिडोर का एक खंड है। इस पर 4,447 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। यह दक्षिणी बिहार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Election 2025 : इंडी न महागठबंधन... कांग्रेस बिहार में अपनी सरकार बना रही! 70 सीटों की जिद इसी कारण
विज्ञापन


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रीमंडल की दिनांक-10.09.2025 को हुयी बैठक में बिहार राज्य में मोकामा से मुंगेर (82.40 किमी) तक 4 लेन ग्रीनफील्ड सड़क के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) पर 4447 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित की जाएगी।

इस संबंध में बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 82.40 कि०मी० हाई स्पीड कॉरीडोर का निर्माण किया जायेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को पूर्व में ही निविदा आमंत्रित की गई है तथा निविदा प्राप्ति की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2025 है। इस योजना का कार्य प्रारम्भ होने के 30 माह में कार्य पूर्ण किया जाना है एवं उसके उपरान्त 15 वर्ष तक अनुरक्षण कार्य संबंधित रियायतग्राही द्वारा किया जाएगा।
यह खबर भी पढ़ें-Aadhar Card : सुप्रीम निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने बिहार के वोटरों को 'आधार' का मौका दिया; फॉर्म 6 पर भी अपडेट

बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि मोकामा-मुंगेर पथांश में 02 वृहद् पुल, नदियों, नालों एवं नहरों पर कुल 04 आरओबी०, 07 फ्लाई ओवर, 02 ट्रम्पेट, 04 वीयूपी, 26 लघु पुल, 48 एसवीयूपी०, 102 बॉक्स कल्भर्ट, 08 बैलेसिंग कल्भर्ट तथा 98 पाईप कल्भर्ट का निर्माण होना है। उन्होंने बताया कि इस पथ के निर्माण होने से बक्सर से मिर्जाचौकी तक 4 लेन सड़क के माध्यम से सीधी सम्पर्कता सुनिश्चित हो सकेगी तथा आवागमन सुगम हो जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बक्सर से कोईलवर तक 4 लेन पथ का निर्माण पूर्व में ही पूर्ण हो चुका है तथा आवागमन चालू है। कोईलवर से बिहटा होते हुए पटना तक 4 लेन ऐलिवेटेड तथा एट-ग्रेड पथ का निर्माण प्रगति में है। पटना से मोकामा तक 4 लेन पथ का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा आवागमन चालू है। मुंगेर से मिर्जाचौकी तक चार पैकेज में हरितक्षेत्र मार्गरेखन पर 4 लेन पथ का निर्माण प्रगति पर है एवं शीघ्र कार्य पूर्ण कराकर यातायात हेतु आम जनता को सौप दिया जाएगा।

बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि इस 4-लेन सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण होने से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिकल्पना के अनुरूप बिहार के सुदूर क्षेत्र के लोगो को पथ निर्माण विभाग द्वारा 4 घंटे में राज्य की राजधानी पटना पहुँचने के लिए निर्धारित लक्ष्य के प्राप्ति में मदद मिलेगी। राज्य सरकार इस पथ के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य त्वरित गति से कर रही है। इसको लेकर जमीं अधिग्रहण कार्य लगभग अंतिम वरण में है। मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि इस परियोजना के निर्माण में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हर प्रकार का सहयोग प्रदान करने हेतु राज्य सरकार कटिबद्ध है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कहा कि बक्सर–भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के अंतर्गत मोकामा–मुंगेर खंड पर 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की मंजूरी भारत सरकार ने दी है। लगभग 82.4 किलोमीटर लंबे इस खंड पर 4,447 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को तेज़, सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बिहार को मिली एक बड़ी सौगात है। यह एक्सप्रेसवे न केवल क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूती देगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जारी किए 1263 करोड़ 95 लाख, जानिये किसके खाते में जा रहा कितना रुपया
 
विज्ञापन

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। - फोटो : अमर उजाला
बिहार में पांच बड़े एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें बक्सर-भागलपुर, पटना-पूर्णिया, रक्सौल-हल्दिया, गोरखपुर-सिलीगुड़ी और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1626.37 किलोमीटर है और इन्हें वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 1,18,849.40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी कड़ी में मोकामा-मुंगेर खंड के निर्माण कार्य जल्द शूरू किया जाएगा। 
यह खबर भी पढ़ें-Aadhar Card : सुप्रीम निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने बिहार के वोटरों को 'आधार' का मौका दिया; फॉर्म 6 पर भी अपडेट

इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कहा कि रफ्तार पकड़ चुका है, अब बिहार रूकने वाला नहीं है। वर्ष 2024-25 में बिहार की विकास दर 8.64% रही है, जो कई बड़े राज्यों से अधिक है। राज्य की अर्थव्यवस्था एक वर्ष में 4.89 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 5.31 लाख करोड़ रुपये हो गई है। निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 11%, सेवा क्षेत्र में 8.9% और परिवहन और संचार में 13% की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि बिहार तेज़ी से विकास और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें