18 जनवरी को पटना पुलिस के पास एक महिला ने अपनी बेटी की सरेराह जलाकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया। वह आज तक बिहार पुलिस की वेबसाइट पर नहीं है। 23 जनवरी को दोपहर बाद पुलिस ने खुद मामले की जानकारी तब दी, जब सुबह में उस लड़की की मौत हो गई। पटना जिले में सड़क पर इतनी बड़ी घटना आखिर छिपी क्यों रह गई? किसने छिपाया? कितना सच है यह मामला? आरोपी के बारे में लोग क्या कह रहे? मृतक के परिजनों का क्या कहना है? पुलिस के पास कब-क्या जानकारी आई? इन सारी बातों को समझने के लिए 'अमर उजाला' ने 40 किलोमीटर दूर जाकर छह घंटे की पड़ताल की। जानिए, क्या निकली बात? जलाकर हत्या है या सड़क पर आत्महत्या, यह आप तय करें।
हत्या या आत्महत्या के बीच घूम रही कहानी
पटना में एक नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने का मामला प्रकाश में आया, लेकिन तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी। अब तक इस बात की चर्चा थी कि 24 वर्षीय युवक ने जबरन बात करने और एक तरफा प्यार पाने की जिद में दिनदहाड़े नाबालिग लड़की के शरीर पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। लेकिन ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान कई जानकारियां मिलीं, जिसे बताना जरुरी है।
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कई लोग प्रत्यक्षदर्शी होने का कर रहे थे दावा, लेकिन आँखों हाल किसी ने नहीं बताया
पड़ताल के दौरान घटनास्थल पर कई लोग इस बात की दलील दे रहे थे कि आरोपी लड़का नहीं है, वह तो बेकसूर है। तो क्या लड़की ने खुद को जला लिया? इस बात को प्रमाणित करने के लिए उस भीड़ से उस शख्स को खोजने की कोशिश की गई जो उस घटना का प्रत्यक्षदर्शी रहा हो। एक शख्स सामने आया और उसने इसे पहले दो तरफा और फिर एक तरफा प्यार में हार को वजह बताया। काफी खोजने के बाद भी महिलाओं, पुरुष, युवा और बच्चों की भीड़ में किसी ने यह नहीं बताया कि लड़की को मैंने खुद से आग लगाते हुए देखा। लेकिन उस भीड़ में कई ऐसे लोग थे जो इस घटना को ख़ुदकुशी करने का दावा कर रहे थे।
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कई कहानियां भी सुनाई जा रही थी
घटनास्थल पर आज हर कोई एक अलग कहानी सुना रहा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि लड़की नाबालिक थी इसके बाद भी उसके साथ पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था, और जिस वजह से उस लड़के ने लड़की का नंबर ब्लॉक कर दिया। लड़का पर लड़की के द्वारा नंबर को अनब्लॉक करने की जिद्द और शादी करने का दवाब था। इसी वजह से लड़की ने शाम के 5:00 बजे बोतल में ज्वालनशील पदार्थ ले गई। लड़का उसके घर के पास ही सरस्वती की मूर्ति बना रहा था। लड़की ने सड़क पर से ही उसे आवाज दिया, लेकिन लड़का अंदर से बाहर सड़क पर नहीं आया. इसी गुस्से में लड़की ने खुद को आग के हवाले कर लिया।
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परिजनों का अलग आरोप
वहीं परिजनों का आरोप है कि आरोपी आदित्य ने ही मेरी बेटी को जिंदा जला दिया। उनका आरोप है कि मेरी बेटी खेत में काम करती थी। उस वक्त घर में कोई नहीं था। वह अपनी नानी के घर पैदल ही जा रही थी, जिसे आरोपी आदित्य ने जबरन बीच रास्ते में रोक लिया। फिर उसने ना बात करने की वजह जाननी चाही, लेकिन लड़की ने कुछ नहीं कहा। लड़के ने फिर उसे बात करने के लिए दवाब बनाया। इस दौरान उसने धमकी देते हुए लड़की को आग से जला देने की धमकी देने लगा, लेकिन उसकी धमकी का लड़की पर कोई असर नहीं पड़ा। फिर क्या था, आरोपी आदित्य ने उसके शारीर पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
अनुसंधान जारी है
घटना के संबंध में एसडीपीओ-2 रंजन कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर लोगों से पूछताछ की गई है। परिजनों से भी जानकारियां ली जा रही हैं। यह सच है कि बच्ची की जलने से मौत हुई है, लेकिन यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी हर तरह से जांच की जा रही है। फिलहाल अनुसंधान जारी है, जल्स ही सभी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।