ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिक का पार्थिव शरीर बक्सर पहुंचने पर शहर के लोग सेना के जवानों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए। बक्सर स्थित नया बाजार निवासी भारतीय सेना के जवान विनोद केसरी का ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब हुई और वो शहीद हो थे। सोमवार को सुबह तिरंगा में लिपटा पार्थिव शरीर जब नया बाजार स्थित घर पर पहुंचा तो परिवार और इलाके में गम का माहौल हो गया।
शहीद पति के शव को देखकर पत्नी वसुंधरा देवी रह-रहकर बेहोश हो जा रही थी। परिजनों ने बताया कि विनोद केशरी जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। ठंड के कारण उनकी तबीयत खराब हुई। गंभीर हालत में दिल्ली लाया गया, जहां उनकी हालत और बिगड़ गई। उन्होंने अंतिम सांस ली। आवास पर शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल है। सैनिकों ने शहीद सैनिक के अन्तिम श्रद्धांजलि के बाद तिरंगे को शहीद की पत्नी को सुपुर्द किया।
शहीद के तीन भाई भी सेना में शामिल
शहीद जवान के भाई प्रमोद कुमार केसरी ने बताया कि विनोद केशरी के चार भाइयों में तीन भाई सेना में हैं तो वहीं एक भाई प्रमोद केशरी भारतीय जीवन बीमा में काम करते हैं। वहीं, ललित केशरी और रंजन केशरी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वर्ष 2000 में विनोद केशरी सेना में भर्ती हुए थे, जो पिछले छह महीने से जम्मू कश्मीर में पोस्टेड थे। शहीद विनोद केशरी चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे हैं। एक का नाम सूर्यांश केशरी 10 और दूसरा मयंक केशरी 12 साल का है। भाई प्रमोद केशरी ने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद परिवार ने काफी संघर्ष किया। सभी भाइयों ने मुश्किल हालात का सामना करते हुए अपने जीवन को संभाला। विनोद केसरी ने सेना में सेवा कर परिवार को गौरवान्वित करने का काम किया है।
भारतीय सेना के शहीद जवान शव का पूरे शहर में श्रद्धांजलि यात्रा निकली, जिसमें शहर के लोग भी शामिल हुए। एक वाहन को फूल माला से सजा कर उसमें शहीद के शव को रखा गया था। वहीं, आगे पैदल और बाइक पर चल रहे लोगों द्वारा भारत माता की जय वंदे मातरम के नारा लगा रहे थे। वहीं, बक्सर के मुक्ति धाम में सैन्य सम्मान के साथ गार्ड आफ ऑनर दे अंतिम श्रद्धांजलि दे विदाई की गई।