Bihar: महाराजा चंद्र विजय सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह भोजपुर कोठी डुमरांव पहुंचेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार बक्सर में किया जाएगा। उनके पीछे पत्नी कनिका सिंह, बेटा कुमार शिवांग विजय सिंह, समृद्ध विजय सिंह सहित भरा परिवार रह गया है।
बक्सर के डुमरांव राज परिवार के महाराजा चंद्र विजय सिंह का शनिवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके साथ ही क्षेत्र में अशोक की लहर दौड़ गई है। समाज के हर लोग संवेदना प्रकट कर रहे हैं। महाराजा चंद्र विजय सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा हर जगह शुरू हो गई है। उनके बेटे कुमार शिवांग विजय सिंह ने बताया कि उनके पिता कुछ दिनों से बीमार थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
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पहले उन्हें डेंगू हुआ, फिर इंफेक्शन से परेशानी बढ़ी, जिसका इलाज दिल्ली में चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के आसपास सहित अन्य क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बक्सर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि महाराजा चंद्र विजय सिंह अपने सरल स्वभाव, सौम्य व्यक्तित्व और समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए पूरे शाहाबाद क्षेत्र में आदरणीय माने जाते थे। महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के प्रधानाचार्य प्रो. कृष्णा कान्त सिंह सहित महाविद्यालय परिवार ने भी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
व्यक्तिगत परिचय
महाराजा चंद्र विजय सिंह का जन्म 15 जून 1947 को हुआ था और वे 78 वर्ष के थे। उन्होंने अपनी शिक्षा देहरादून से पूरी की थी। वे 1995 में बक्सर भाजपा जिला उपाध्यक्ष भी रहे और भारतीय रेड सोसायटी के आजीवन पैटर्न मेंबर थे। इसके अलावा, वे लायंस क्लब में प्रेसिडेंट और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक भी रहे।
बक्सर में होगा अंतिम संस्कार
उनका पार्थिव शरीर रविवार को सुबह भोजपुर कोठी डुमरांव पहुंचेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार बक्सर में किया जाएगा। उनके पीछे पत्नी कनिका सिंह, बेटा कुमार शिवांग विजय सिंह, समृद्ध विजय सिंह सहित भरा परिवार रह गया है।