पटना के बिहटा प्रखंड के सिकंदरपुर मौजा में बियाडा परिसर की चारदीवारी के भीतर से निकल रहे गंदे पानी ने किसानों की बड़ी चिंता बढ़ा दी है। चारदीवारी के आसपास लगभग 100 बीघा में लगाए गए धान की फसल पूरी तरह सड़ने की कगार पर है। खेतों में लगातार जलजमाव होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा मंडरा रहा है।
किसानों का कहना है कि समस्या की शिकायत कई बार बियाडा कार्यालय में की गई, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परेशान किसानों ने हाल ही में बिहटा अंचलाधिकारी राकेश कुमार को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया। अंचलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कर विभागीय स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2012-14 में बियाडा द्वारा लगभग 300 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर चारदीवारी बनाई गई थी। इस परिसर में वर्तमान समय में कई फैक्ट्रियां संचालित हैं, साथ ही NIT पटना का कैंपस भी स्थित है। औद्योगिक क्षेत्र और अन्य संस्थानों से निकलने वाला दूषित पानी बियाडा परिसर के भीतर जमा होता है, लेकिन चारदीवारी जगह-जगह खुली होने के कारण यह पानी सीधे किसानों की जमीन पर फैल जाता है।
किसानों ने बताया कि पिछले साल भी गेहूं की फसल इसी वजह से बर्बाद हो गई थी और इस वर्ष धान की फसल भी पूरी तरह नष्ट होने की स्थिति में है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन और बियाडा प्रबंधन की अनदेखी से किसान आक्रोशित हैं।
घटना स्थल पर कटेशर पंचायत के मुखिया प्रत्याशी जितेश कुमार, विजय राय, संजीव कुमार, वीरेंद्र कुमार, गया राय, कृपा राय, मैनेजर राय सहित गांव के सैकड़ों किसान मौजूद रहे और मांग की कि जल्द से जल्द समाधान हो तथा उचित मुआवजा दिया जाए।