सार
NDA Government: बिहार में एनडीए की नई सरकार बनने के बाद से मंत्री से लेकर अधिकारी तक एक्शन में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी तरह के काम में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में आज मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें योजनाओं को सही समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया।
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत।
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बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को जल संसाधन विभाग और पथ निर्माण विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (मुख्य सचिव कोषांग) के तत्वावधान में आयोजित इस नियमित साप्ताहिक बैठक में उत्तर कोयल जलाशय, मंडई वीयर एवं ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा पुल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हों, इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ताजपुर-बख्तियारपुर गंगा पुल कार्य में तेजी
वहीं 1822.23 रुपये करोड़ की लागत से बन रहे ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड गंगा पुल परियोजना की 65 प्रतिशत प्रगति पूरी हो चुकी है। यह पुल एनएच-31 को एनएच-28 से जोड़ेगा। मुख्य सचिव ने दो आरओबी निर्माण में आ रही अड़चनों को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया और संवेदक को साफ कहा कि मई 2026 तक पथ निर्माण कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए।
उत्तर कोयल जलाशय परियोजना की समीक्षा
1367.61 करोड़ रुपये की लागत वाली उत्तर कोयल जलाशय परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राइट मेन कैनाल (RMC) क्षेत्र में 1170 पोल और 18 ट्रांसफॉर्मर का स्थानांतरण पूरा कर लिया गया है। पैकेज-7 की निविदा खुल चुकी है, जिसका तकनीकी मूल्यांकन WAPCOS द्वारा किया जा रहा है। नवीनगर, अंबा, औरंगाबाद और मदनपुर प्रमंडलों के लिए वितरण प्रणाली की निविदा एक दिसंबर को जारी की गई थी, जो 24 दिसंबर को खुलेगी। किसानों के हित में RMC के 12 चिन्हित बिंदुओं से पंपों के माध्यम से 2100 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की अनुमति दी गई है। भूमि अधिग्रहण के तहत औरंगाबाद में लक्ष्य के मुकाबले 36.306 हेक्टेयर और गया जी में 89.045 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
मंडई वीयर परियोजना पर जोर
मुख्य सचिव ने मंडई वीयर एवं उससे जुड़ी दायां-बायां मुख्य नहर प्रणाली की समीक्षा करते हुए भू-अर्जन कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रैयतों को मौजा-वार और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। परियोजना को गति देने के लिए 6 अतिरिक्त कनीय अभियंता और 4 सहायक अभियंताओं की तैनाती की गई है।