Bihar : बिहार बजट पेश किया गया, लेकिन विपक्ष ने इसे एक सिरे से नकार दिया। विपक्ष ने कहा कि यह बजट बस झूठ का पुलिंदा और झूठा सपना है। आरोप यह भी लगाया कि सरकार केवल हवा-हवाई आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
बिहार विधानमंडल में पेश किए गए वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने राज्य सरकार के बजट पर करारा प्रहार करते हुए इसे केंद्र सरकार की तर्ज पर झूठ का पुलिंदा और झूठा सपना करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हवा-हवाई आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
आंकड़ों के खेल में उलझी सरकार
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कड़े शब्दों में कहा कि साल-दर-साल बजट की रकम तो बढ़ाई जा रही है, लेकिन इसका सार्थक लाभ धरातल पर नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार बजट का सही इस्तेमाल करने में पूरी तरह फिसड्डी साबित हुई है। एनडीए सरकार 200 से अधिक सीटें जीतने के अहंकार में बिहार की मूल जरूरतों को दरकिनार कर रही है। यह बजट आम नागरिकों को छलावे के सिवा कुछ नहीं देता।
महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार पर उठाए सवाल
राजेश राम ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए पटना की कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो सरकार राजधानी में महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा नहीं दे सकती, वह महिलाओं और किसानों की बेहतरी की बात केवल मार्केटिंग के लिए कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के रोजगार और उद्योगों के विकास पर केवल घोषणाएं हुईं, लेकिन धरातल पर एक भी योजना नहीं उतरी। साथ ही शिक्षा और रोजगार के आंकड़ों को चमकदार बनाकर पेश किया गया, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है।
एनडीए ने बताया ऐतिहासिक, मुख्यमंत्री का जताया आभार
दूसरी ओर, सत्तापक्ष यानी एनडीए के नेताओं ने बजट का पुरजोर स्वागत किया है। भाजपा और जदयू के नेताओं ने इसे बिहार के विकास को नई गति देने वाला संतुलित और दूरदर्शी बजट बताया। सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि यह बजट समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचितों और पिछड़ों के उत्थान को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।