बिहार में ठंढ की मार लगातार जारी है। इस समय भीषण शीतलहर और कोहरे की चपेट में होने के कारण पूरे बिहार का जीवन अस्त-व्यस्त है। आलम यह है कि लोग घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं।
पछुआ हवाओं के चलते कनकनी इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बिहारवासियों को फिलहाल 2 जनवरी तक इस हाड़ कंपाने वाली ठंड और कनकनी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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कोहरे की चादर और शीत दिवस का अलर्ट
शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा और रविवार की सुबह भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रविवार को राज्य के पश्चिम और मध्य भागों के जिलों में 'शीत दिवस' जैसे हालात रहने की संभावना है। उत्तर बिहार, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में कोहरे का साया होने के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार से शुक्रवार तक उत्तर बिहार और राज्य के अधिकांश जिलों में कोहरा और घना होने की आशंका जाहिर की है। तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
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गया सबसे ठंडा, पटना में दिन-रात का अंतर खत्म
मौसम विभाग के अनुसार पछुआ हवा 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है और इसी वजह से बढ़ी ठंढ़ ने फिलहाल स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। इसी वजह से शनिवार को बिहार के कई जिलों का तापमान 10 डिग्री से भी कम हो गया था। गया जी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां, दृश्यता मात्र 50 मीटर रही और न्यूनतम तापमान 5.2°C मापी गई। वहीं पटना का न्यूनतम तापमान 12.1°C रहा और अधिकतम तापमान 14.8°C रहा। दिन और रात के तापमान में केवल 2.7°C का अंतरदर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार सारण जिला पूर्णतः 'शीत दिवस' की चपेट में है। राज्य का अधिकतम तापमान डेहरी का रहा जहां सबसे न्यूनतम तापमान 19.8°C मापी गई।