पेपर लीक कैसे हुआ?
सीबीआई ने बताया कि NEET UG 2024 का पेपर पांच मई को आयोजित परीक्षा से पहले झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल से चुराया गया था। इस साजिश में स्कूल के प्रिंसिपल अहसानुल हक, उप-प्रिंसिपल मोहम्मद इम्तियाज आलम और पंकज कुमार का हाथ था। आरोप है कि पेपर को स्कूल में लाए गए कंट्रोल रूम में रखे ट्रंक से उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल कर चुराया गया।
सीबीआई के अनुसार, परीक्षा के दिन सुबह ही पेपर को मेडिकल कॉलेजों के छात्रों द्वारा हल किया गया। उनमें AIIMS पटना, RIMS रांची और भरतपुर के एक मेडिकल कॉलेज के छात्र शामिल थे। पेपर को हल करने के बाद इसे चुनिंदा छात्रों के साथ साझा किया गया, जिन्होंने इसके लिए मोटी रकम चुकाई थी।
प्रमुख आरोपी और गिरफ्तारियां
सीबीआई ने अब तक सात सॉल्वर्स को गिरफ्तार किया है और पेपर चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण जब्त किए हैं। सभी सॉल्वर्स प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के छात्र हैं, जिन्हें इस साजिश को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से हजारीबाग लाया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई की थी। पेपर लीक की खबर ने राजनीतिक मुद्दा बनकर तूल पकड़ लिया, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा।
परीक्षा और छात्रों पर असर
NEET UG परीक्षा देश भर के 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी थी। यह परीक्षा 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिनमें भारत के 571 शहर और 14 विदेशी केंद्र शामिल थे। इस पेपर लीक की घटना ने लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। सीबीआई ने इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के साथ साझा कर दी है। अब सवाल यह है कि क्या लीक के कारण परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाएगा या नहीं।