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Bihar Cabinet: बिहार में सात मई को होगा मंत्रिमंडल विस्तार, पीएम मोदी भी आएंगे; संजय सरावगी ने बताई सारी बात

Tue, 05 May 2026 11:34 AM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Cabinet Expansion: नई सरकार किन दिग्गजों को जगह मिलेगी? पुराने नेताओं का क्या होगा? युवाओं को मौका मिलेगा या नहीं? इन सब सवालों से सात मई को पर्दा उठ जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दरबार से सबकुछ फाइनल कर लौट आए हेैं। आइये जानते हैं पूरा मामला...   
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बिहार में सात मई को एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार सात मई को होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जो लिस्ट लेकर दिल्ली गए थे, उस पर आलाकमान ने मुहर लगा दी है। इसके बाद स्पष्ट हो गया कि गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके लिए तैयारियां चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरागवी ने बताया कि सात मई को गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा। इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। 
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क्या होगा मंत्रिमंडल का स्वरूप?
सम्राट चौधरी फिलहाल 30 मंत्रियों को शपथ दिलाने की तैयारी में हैं। इनमें भाजपा से 12, जदयू से 11, लोजपा (रामविलास) से और रालोमो व हम से एक-एक मंत्री बनेंगे। गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा अपने पास ही रखेगी। जदयू, रालोमो और हम कोई खास प्रयोग नहीं करेगी। नवंबर 2025 में नई सरकार में जिन लोगों ने शपथ ली थी, उन्हें ही दुबारा मौका दिया जाएगा। 

विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल का क्या होगा?
15 अप्रैल को नई सरकार बनने के बाद से अब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काम करने के तौर तरीके और बयानों से स्पष्ट हो गया है कि वह एक नई टीम चाहते हैं। सम्राट चौधरी के करीबी इसे 'नई विकास टीम' का नाम दे रहे हैं। नई टीम में कई चेहरों का नाम फाइल हो चुका है। कुछ पर मंथन चल रहा है। इधर, पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को देखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। हाल की घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लग रहा है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। भूमिहार समाज भी भाजपा पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वह भी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें दोबारा मंत्री बना सकती है और आगे चलकर फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति अपना सकती है।

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हर वर्ग को मौका देगी भाजपा
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वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की है। पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के तहत सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश में है। संकेत यह मिल रहे हैं कि भाजपा नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल जैसे पुराने दिग्गजों को दुबारा मौका मिल सकता है। युवा और महिलाओं पर सम्राट चौधरी का विशेष फोकस रहेगा। आलाकमान चाहते हैं कि सरकार में सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा जाए। हर वर्ग को मौका मिले ताकि संतुलन बरकरार रहे। सम्राट चौधरी की नई टीम में क्षेत्रीय और समाजिक समीकरण का समावेश दिख सकता है। 
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