बिहार विधान मंडल में बजट सत्र चल रहा है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष सदन से अक्सर गायब ही रहते हैं। इसको लेकर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता लगातार सदन से अनुपस्थित रहे हैं, यहां तक कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण सत्र में भी नजर नहीं आए।
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उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और इसके बाद भी वह सदन से लगातार गैरहाजिर रहे हैं। ऐसा लगता है कि उनकी रुचि खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीखें चुनाव परिणाम आने से पहले ही तय हो गई थीं। सरकार बनने के बाद पहले सत्र में भी विपक्ष के नेता अनुपस्थित रहे थे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद विपक्ष के नेता को जबरदस्त 'शॉक' लगा है। इनका सूपड़ा साफ हो गया। एक सीट से बच गए। एक सीट कम आती, तो विपक्ष के नेता भी नहीं बनते।
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प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को सदन में रहकर सरकार को राज्य के हित में कुछ सुझाव देना चाहिए था। लेकिन इन लोगों को कोई मतलब नहीं है। बिहार की जनता भी सब देख रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर केवल अभद्र बातें करना इन्हीं लोगों का काम रह गया है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार लगातार प्रगति कर रहा है। आर्थिक विकास में बिहार ने लंबी छलांग लगाई है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विकास के पैमाने पर जो आंकड़ा आना चाहिए, उन सभी आंकड़ों में बिहार देश के परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है। विपक्ष को इससे कोई मतलब नहीं है। केवल इनका काम विधानसभा में हल्ला करना और डिस्टर्ब करना है। इसे बिहार कभी स्वीकार नहीं करेगा।