मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग की कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई। जिन प्रमुख योजनाओं को स्वीकृति दी गई उनमें बिहार नगरपालिका सम्पत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण और वसूली) नियमावली 2013 के नियम 4 में संशोधन प्रमुख है। इस संशोधन के बाद राज्य के नगर निकायों को व्यवसायियों एवं दुकानदारों को संपति कर में काफी राहत मिलेगी। बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण और वसूली) नियमावली 2013 के नियम 4 में संशोधन के तहत गैर-आवासीय संपत्ति कर के गुणक में छूट दी गई है।
कबिनेट से चार प्रकार के गैर-आवासीय संपत्ति कर में छूट दिए जाने की मंजूरी मिली है। होटल, हेल्थ क्लब, जिम्नाजियम, क्लब एवं विवाह-हाल में पहले जहाँ 3 के गुणक में संपत्ति कर लगता था, उन पर अब 2 के गुणक में संपत्ति कर लगेगा। कुटीर उद्योग, दुकान (500 वर्गफीट से कम क्षेत्रफल वाले) एवं गोदाम (1000 फीट से कम क्षेत्रफल वाले) के लिए संपत्ति कर का गुणक 2 के बजाए एक होगा। नसिंग होम, क्लीनिक, औषधालय एवं प्रयोगशाला (डायग्नोस्टिक सेंटर) के लिए संपत्ति कर का गुणक 3 के बजाए 1.5, जबकि वाणिज्यिक कार्यालय वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियों के कार्यालय, बैंक एवं निजी अस्पताल के लिए संपत्ति कर का गुणक 3 के बजाए 2 होगा।
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जानिए किसको कितना मिला फायदा
गैर-आवासीय संस्थानों, जैसे होटल, हेल्थ क्लब, जिमनाजियम, क्लब एवं विवाह-हाल में पहले तीन के गुणक में टेक्स लगता था, जिसे कम कर के अब 2 गुणक कर दिया गया है। कुटीर उद्योग, दुकान (500 वर्ग फीट से कम क्षेत्रफल वाले) एवं गोदाम (1000 वर्ग फीट से कम क्षेत्रफल वाले जगह पर 2 के जगह 1 गुणक टेक्स लगेगा। दुकान (2 के अतिरिक्त), शो-रूम, शोपिंग माॅल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, रेस्तरां, अतिथिशाला एवं गोदाम (1000-3000 वर्ग फीट तक क्षेत्रफल वाले एरिया को पहले भी 1.5 गुणक टेक्स लगता था और अब भी उतना ही टेक्स लगेगा। नर्सिग होम, क्लिनिक, औषधालय एवं प्रयोगशाला (डायग्नोस्टिक सेंटर) को 3 गुणक टेक्स लगता था, जिसे घटाकर अब 1.5 गुणक कर दिया गया है। वाणिज्यिक कार्यालय, वित्तीय संस्थान, बीमा कम्पनियों के कार्यालय, बैंक एवं निजी अस्पताल में गुणक 3 से कम कर के 2 कर दिया गया है। उद्योग (कुटीर उद्योग से भिन्न), कार्यशाला, गोदाम (3000 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल वाले) एवं वेयर हाउस में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। राज्य सरकार, केन्द्र सरकार के वैसे सभी प्रतिष्ठान और उपक्रम जो वाणिज्यिक, व्यावसायिक एवं वित्तीय गतिविधियों में संलग्न हैं उसमें भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। सभी प्रकार के कोचिंग क्लासेज, गाईडेंस एवं प्रशिक्षण केन्द्र एवं उनके छात्रावास में पूर्व की तरह 1.5 गुणक ही रखे गये हैं। राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के कार्यालय जो वाणिज्यिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान या उपक्रम नहीं हैं उनका गुणक 1 रखा गया है। निजी विद्यालय, निजी महाविधालय, निजी शोध संस्थान, अन्य निजी शैक्षणिक संस्थान एवं उनके छात्रावास का गुणक यथावत 1.5 गुणक ही रखा गया है। सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रकृति के स्थल, केन्द्र एवं संस्थाओं में टेक्स शुन्य रखा गया है।
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इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि संपत्ति कर 2013 से प्रभावी था, जिसे 2023 में 3 गुणा किया गया, जिसे कम कर के अब 2 गुना किया गया है। इससे अब लोगों को बहुत राहत मिल पायेगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने विभाग की अनुशंसा पर कई संपत्तियों पर इस दर को तर्कसंगत करते हुये आधा तक कर दिया। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने संपत्ति कर के गुणक में कमी लाने के लिए उपमुख्यमंत्री को भी धन्यवाद दिया है।