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Bihar News : बिहार विधान परिषद् में गामा पहलवान! किसने हंगामा किया, उंगली दिखाई, लाठी की बात की?

Tue, 10 Feb 2026 02:34 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : सीएम नीतीश कुमार और राबड़ी देवी प्रकरण पर आज सत्ता और विपक्ष एक दूसरे से भिड़ गए। आरोप अमर्यादित शब्दों के प्रयोग करने का भी है। बिहार सरकार के मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि खुद को गामा पहलवान ना समझें, ताकत है तो सड़क पर आकर फरिया लें।
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बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लड़की कहने के मामले पर आज विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और विपक्ष के एमएलसी सुनील सिंह एक दूसरे से बुरी तरह उलझ गए। स्थिति ऐसी हो गई कि दोनों अपनी सीमा लांघ गए। मर्यादाएं तार-तार हो गई।
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 सदन से बाहर निकलते ही अशोक चौधरी ने कहा कि सदन शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर टिप्पणी की। इस पर सत्ता पक्ष ने रिएक्ट नहीं किया। लेकिन इस पार्टी में एक काबिल और हॉवर्ड रिटर्न नेता हैं जो खुद को बहुत काबिल समझते हैं। वह खुद को चलता फिरता पोलटिकल साइक्लोपीडिया समझते हैं। वह बेवजह हंगामा करने लगे। उन हंगामा को देखते हुए सभापति ने दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्ष नहीं माना। फिर विपक्ष अपने जगह से उठकर बेल में आ गया और वहां आकर हंगामा करने लगा। सभापति खड़े होकर विपक्ष को बार-बार शांत रहने की बात कह रहे थे। वह बार-बार कह रहे थे कि अपने-अपने जगह पर वापस जाएं और सदन को शांति में चलने दें, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। तब सभापति ने विपक्ष को एक दिन के लिए सदन से निष्कासित करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आप लोग बार-बार प्रश्नकाल को बाधित कर रहे हैं इसलिए आपको एक दिन के लिए सदन से बाहर किया जाता है।
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अशोक चौधरी ने गाली-गलौज करने का लगाया आरोप 
अशोक चौधरी ने कहा कि सभापति के इतना कहने के बाद ही सुनील सिंह मेरी सीट के पास आ गए। मेरे पास आने के बाद सुनील सिंह ने मुझे न सिर्फ गाली गलौज किया बल्कि संसदीय भाषाओं का भी प्रयोग किया। अशोक चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील सिंह ने मुझे अपशब्द कहा। उंगली दिखा दिखा कर मुझे चिन्हित करने का प्रयास किया। सुनील सिंह चाहते हैं कि मेरी आवाज को दबा दी जाए। दलित की आवाज दबा दी जाए। मेरी एक तरफ दिलीप दिलीप जायसवाल और दूसरी तरफ संजय सरावगी बैठे हुए थे। अशोक चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील सिंह ने इन दोनों को नहीं कहा, बल्कि मुझे ही कह रहे थे। इसका कुछ ना कुछ तो कारण रहा होगा।
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 अशोक चौधरी ने कहा कि राजद की मानसिकता यही है।ये लोग लाठी पिलावान, लाठी घुमावन तेल पिलावन वाली मानसिकता से ही आज भी बिहार को चलाना चाहते हैं। वही सुनील सिंह का आरोप है कि उन्होंने बुक चलाकर उन पर हमला किया है, इसके जवाब में अशोक चौधरी ने कहा कि इस बात का वीडियो फुटेज होगा ना। अशोक चौधरी ने ललकारते हुए कहा कि वह अपने आप को गामा पहलवान समझते हैं? उनकी धमकी से हम भाग रहे हैं क्या? इतनी ताकत है तो आकर सड़क पर फरिया लें।

क्या कहा अब्दुल बारी सिद्दीकी ने
विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि विपक्ष को तो मर्यादा में रहना ही चाहिए लेकिन सत्ता पक्ष को भी अपनी मर्यादा को समझना चाहिए। लेकिन जिस तरह से बिहार सरकार का मंत्री ही रिजेक्ट कर रहा है, इसका मतलब यह हुआ कि वह हम लोगों को प्रभोक कर रहा है। बिहार सरकार के मंत्री ने जिस तरह से प्रभु किया इस पर हमारे दल के नेता ने रिएक्ट किया लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभोक करने का, बेल में जाने का या फिर धरना पर बैठने का यह हमारा अधिकार है। अब्दुल बारी की सिद्दीकी ने पिछले कई वर्षों पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि हमें वह दिन भी याद है जब तीन-तीन दिन विधानसभा में धरना हुआ है। जननायक कर्पूरी ठाकुर से लेकर लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार जैसे नेताओं ने उसमें धरना प्रदर्शन किया था। विपक्ष को इस तरह से अपना दुश्मन नहीं समझा जाता था, जिस तरह से अभी किया जा रहा है।
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