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Bihar News: अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, पीके गन हाउस समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी

Mon, 06 Apr 2026 08:12 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

बिहार के नालंदा में NIA और पुलिस की संयुक्त टीम ने पीके गन हाउस समेत 6 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और तीन घंटे से ऑपरेशन जारी है।
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सुबह ने एनआईए की जांच जारी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नालंदा जिले में आज तड़के सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया। लहेरी थाना क्षेत्र के व्यस्ततम इलाके पोस्ट ऑफिस मोड़ स्थित 'पीके गन हाउस' में सुबह से ही एनआईए और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम छापेमारी कर रही है। समाचार लिखे जाने तक पिछले तीन घंटे से अधिक समय से सर्च ऑपरेशन जारी है।
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आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम नालंदा में कुल आधा दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, स्मगलिंग और संदिग्ध धंधेबाजों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की जा रही है।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम गठित
इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जिला स्तर पर 100 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। टीम ने सुबह-सुबह ही चिन्हित ठिकानों की घेराबंदी कर ली, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसी भी बाहरी व्यक्ति को छापेमारी स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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स्थानीय पुलिस को नहीं मिली जानकारी
छापेमारी की गोपनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय थाने को भी इस मिशन के मुख्य उद्देश्य की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। लहेरी थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि वरीय अधिकारियों के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके आलोक में उनके थाने से दो पुलिस अधिकारियों को रेड में शामिल होने के लिए भेजा गया है। हालांकि, यह रेड किसके नेतृत्व में और किस सटीक कारण से की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है।

फिलहाल 'पीके गन हाउस' के भीतर दस्तावेजों और स्टॉक की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच टीम का कोई भी सदस्य अभी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस छापेमारी के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
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