बक्सर जिले के पंडितपुरा गांव में सरकारी जमीन पर रातो-रात डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दिया गया है। इसको लेकर पंडितपुरा गांव में दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। वहीं, आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों ने दावा किया है कि यह जमीन हरिजनों के नाम पर साधारण के लिए छोड़ा गया था। जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यह जमीन सर्व साधारण के लिए छोड़ा गया था। किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं। ताकि गांव में विकास से संबंधित कार्य कराया जा सके।
हालांकि, इसकी सूचना पर सीओ ने दोनों पक्षों को मुफस्सिल थाना में बुलाया। इधर, दोनों पक्ष को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। सीओ ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने में जुटे हुए हैं।
क्या कहते हैं एक पक्ष के लोग
गांव के जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि आंबेडकर हमारे भगवान हैं। हमारी जमीन है, इसलिए आंबेडकर की मूर्ति लगाए हैं, जिस जमीन पर बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए हैं, वह जमीन सरकार द्वारा हम लोगों को 35 साल पहले मिला था। इस पर हम लोगों की तीन पीढ़ी से चमड़ा छीलते थे, चमड़ा पकाते थे। लेकिन चमड़ा का कारोबार बंद कर दिए, तो अब उस जमीन पर खलिहान लगाने लगे। वहीं, गांव के कुछ लोगों ने इसे अपना बताया और कोई काम में विरोध जता रहे हैं।
क्या कहते हैं दूसरे पक्ष के लोग
दूसरे पक्ष के पंडितपुरा गांव के निवासी सत्य नारायण पंडित ने बताया कि हम लोग रैयत से कट कर अनवाद सर्व साधारण की जमीन बनाया था। साल 1978 में चकबंदी से कट कर बना था, जो 95 डिसमिल है, जिसके बीच में भी थोड़ा अभी रैयती जमीन है, जिस पर दूसरे पक्ष के लोग विभिन्न तरीके से कब्जा करना चाहते हैं। जबकि हम लोग जमीन गांव के विकास के लिए, स्कूल बनाने या खेल मैदान के रूप में छोड़े हैं। इस जमीन पर बच्चे खेलते थे। वे लोग कुछ दिन पहले खलिहान करने लगे, तो हम लोगों ने छोड़ दिया। लेकिन अब उसमें आंबेडकर की प्रतिमा बैठा दिए हैं, जिसको लेकर अधिकारियों से शिकायत किया गया।
फिलहाल जमीन पर किसी कार्य करने से लगी रोक
सीओ प्रशांत सांडिल्य ने कहा कि सर्व साधारण की जमीन प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया है। साथ ही कागज लेकर दोनों पक्षों को थाना पर बुला दोनों पक्षों की बात सुनी गई है, जिसका प्रतिवेदन एसडीएम और डीएसपी को सौंपा जाएगा। उसके आधार पर जो निर्देश मिलेगा, आगे प्रशासनिक कार्रवाई किया जाएगा। दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था कायम रखने के साथ विवादित जमीन पर फिलहाल कोई भी कार्य करने से मना किया गया है।