बिहार सरकार द्वारा सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, गति और तकनीकी सशक्तिकरण के उद्देश्य से लागू की जा रही मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। इसी क्रम में 23 मई 2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, डॉ. बी. राजेन्दर द्वारा चार महत्वपूर्ण मॉड्यूल के हस्तक का औपचारिक लोकार्पण किया गया।
लोकार्पित मॉड्यूल: एक नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत
इस अवसर पर डॉ. राजेन्दर ने जिन मॉड्यूल के हस्तक का विमोचन किया, उनमें नियमित कर्मियों का पंजीकरण, ई-सेवा पुस्तिका, कर्मचारी स्वयं सेवा और छुट्टी प्रबंधन शामिल हैं। इन मॉड्यूल के हस्तक सरल भाषा में तैयार किए गए हैं ताकि विभिन्न विभागों और कार्यालयों में तैनात कर्मी इन्हें सहजता से समझ सकें और इनका समुचित उपयोग कर सकें। इन हस्तकों को सभी विभागों एवं संबंधित कार्यालयों को शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, इनकी पीडीएफ प्रति HRMS पोर्टल (
https://hrms.bihar.gov.in) पर भी उपलब्ध है, जहां से इन्हें डाउनलोड किया जा सकता है।
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सेवा से जुड़े सभी पहलू अब होंगे डिजिटलीकृत
HRMS परियोजना की शुरुआत अगस्त 2022 में की गई थी और इसे चरणबद्ध रूप से पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है। अब तक सचिवालय के सभी विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रमंडलों और जिलों के सभी नियमित कर्मियों को इसमें सम्मिलित किया गया है।
इस प्रणाली के माध्यम से कर्मियों की सेवा संरचना, सेवा शर्तें, वेतन, पद, ग्रेड, पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि, वेतन निर्धारण आदि का संधारण पूरी तरह से ऑनलाइन और पेपरलेस तरीके से होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक कर्मी को उनके सेवा जीवन से जुड़ी प्रत्येक कार्रवाई की सूचना ई-मेल या SMS के माध्यम से तुरंत मिलती रहेगी।
सेवा पारदर्शिता और दक्षता में आएगी वृद्धि
इस व्यवस्था से न केवल कर्मियों को उनके सेवावृत्त की पूर्ण जानकारी डिजिटल रूप में मिलेगी, बल्कि सेवा से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। सभी निर्णय न्यूनतम समय में लिए जा सकेंगे जिससे कर्मचारियों की शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
प्रथम और द्वितीय चरण का कार्यान्वयन सफलतापूर्वक जारी
HRMS के प्रथम फेज में 27 अगस्त 2022 से 'पे-रोल मॉड्यूल' को लागू किया गया था, जिसके अंतर्गत 6.27 लाख कर्मियों का वेतन भुगतान डिजिटल माध्यम से हो रहा है।
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द्वितीय फेज में लीव मैनेजमेंट, स्थापना, सर्विस वेरिफिकेशन, कर्मचारी स्वयं सेवा, ई-सर्विस बुक, कैडर प्रबंधन, पुरस्कार और सराहना, आयकर घोषणा, यात्रा प्रावधान, अग्रिम और वसूली जैसे कुल 10 मॉड्यूल को लागू किया गया है। इन मॉड्यूल्स के उपयोग को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
HRMS परियोजना, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित एक अत्याधुनिक और प्रभावशाली प्रणाली है, जो सरकारी कर्मचारियों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर डॉ. प्रतिमा, अपर मिशन निदेशक एवं मिशन सोसाइटी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।