आज कोर्ट डीसीएलआर मामले की सुनवाई करेगी।
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बिहार में भूमि सुधार उप समाहर्ता यानी डीसीएलआर के 101 पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग नहीं हुई है। 15 साल से यह मामला अटका है। इस पद पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तैनात है। जानकारों का कहना है कि राजस्व सेवा के एक्सपर्ट के इस पद पर नहीं होने से जमीन संबंधी मामलों मामलों के निपटारे में देरी होती है। क्योंकि जमीन विवाद, म्यूटेशन परिमार्जन, नामांतरण और अतिक्रमण के मामले डीसीएलआर के पास काफी आते हैं लेकिन जमीन मामलों में विशेषज्ञता नहीं होने के कारण निष्पादन में देरी होती है। जबकि डीसीएलआर के पद पर पटना हाईकोर्ट ने बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन, अब तक बिहार सरकार की ओर से इस पर खास कार्रवाई नहीं की गई है।
आज पटना हाईकोर्ट में सुनवाई
अब इस मामले को कोर्ट ने फिर से गंभीरता से लिया है। आज पटना हाई कोर्ट में फिर से इस मामले पर सुनवाई होगी। अब यह मामला अवमानना का बन गया है। जबकि इससे पहले 28 नवंबर को भी कोर्ट में सुनवाई हुई थी तब कोर्ट ने नीति सरकार से पूछा था कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की डीसीएलआर पदों पर पोस्टिंग में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
15 साल बात भी नियुक्ति नहीं
जमीन के मामले डीसीएलआर कोर्ट में काफी लंबित पड़े हैं। जैसे 48% म्यूटेशन की अपील, जमीन विवाद के 30% मामले, परिमार्जन के 21% मामले और सरकारी जमीन के जांच के 14% मामले लंबित पड़े हैं। राजस्व सेवा के विशेषज्ञ की मां ने तो राजस्व सेवा नियमावली के तहत राजस्व अधिकारी ही प्रोन्नत होकर अंचल अधिकारी, डीसीएलआर सहायक जिला भू अर्जन पदाधिकारी जिला भू अर्जन पदाधिकारी और एडीएम (लैंड सीलिंग) बनते हैं। इस बात का जिक्र राजस्व सेवा नियमावली में भी है। नियमावली को लागू हुए भी 15 साल बीत गए लेकिन अब तक डीसीएलआर के पदों पर उनकी नियुक्ति नहीं हुई है।
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लगातार मीटिंग ले रहे विजय सिन्हा
इधर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कमान संभालने के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ताबड़तोड़ मीटिंग ले रहे हैं। उन्होंने जमीन संबंधी मामलों को जल्दी से जल्दी निपटने का निर्देश सभी अधिकारियों को दिया है। उनका कहना है कि विभाग में जो भी काम पेंडिंग है उसे जल्द से जल्द पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डिप्टी सीएम ने कहा कि वह लगातार विभाग के अधिकारियों के साथ जमीन संबंधी मामलों के तेजी से निपटारे को लेकर बैठक कर रहे हैं।