बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में शराब तस्करों की फायरिंग में मद्य निषेध विभाग की विशेष जांच इकाई (ईआईबी) के एक सिपाही की मौत हो गई। शराब से लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही पटना मुख्यालय की ईआईबी टीम पर तस्करों और उनके लिए रेकी कर रहे लाइनर ने अचानक फायरिंग कर दी। इस दौरान सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले पावापुरी स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग में हड़कंप मच गया है। हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
पिकअप का पीछा करने के दौरान हाईवे पर मारी गोली
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पटना मुख्यालय की एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की एक बड़ी खेप पिकअप वैन के जरिए नालंदा जिले की सीमा में दाखिल हुई है। यह वाहन खराट मोड़ के रास्ते नालंदा की ओर बढ़ रहा था।
सूचना मिलने के बाद पटना की ईआईबी टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर और स्थानीय टीम के साथ मिलकर वाहन को पकड़ने के लिए घेराबंदी शुरू की। पावापुरी-सिलाव इलाके में हाईवे पर फ्लाईओवर के पास जब टीम ने संदिग्ध पिकअप को रोकने और घेरने की कोशिश की, तभी तस्करों के लिए रेकी कर रहे एक लाइनर ने अचानक टीम पर गोली चला दी। गोली सिपाही अजीत कुमार को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। फायरिंग के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी का फायदा उठाकर तस्कर और लाइनर पिकअप वैन समेत मौके से फरार हो गए।
पावापुरी से पीएमसीएच रेफर, इलाज के दौरान मौत
गोली लगने के तुरंत बाद साथी पुलिसकर्मियों ने घायल सिपाही अजीत कुमार को पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया गया।
पीएमसीएच में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सिपाही के शव का पोस्टमार्टम पटना में कराया जा रहा है। उनकी मौत की खबर से पुलिस और उत्पाद विभाग के कर्मचारियों में शोक है।
इलाके में नाकेबंदी, हमलावरों की तलाश तेज
उत्पाद थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई पटना से आई विशेष ईआईबी टीम के नेतृत्व में की जा रही थी। घटना के बाद उत्पाद विभाग और स्थानीय जिला पुलिस की टीमें हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जुट गई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, हाईवे और आसपास के रास्तों पर सघन नाकेबंदी की गई है, ताकि फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल थे।