सार
पावापुरी स्थित बीमिम्स में शुक्रवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय बायोकेमिस्ट्री सम्मेलन ‘एम्बकॉन-2026’ शुरू होगा। देशभर से विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता इसमें शामिल होंगे। सम्मेलन में आधुनिक डायग्नोस्टिक्स, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रयोगशाला प्रबंधन और चिकित्सा अनुसंधान के नए पहलुओं पर चर्चा होगी।
राष्ट्रीय बायोकेमिस्ट्री सम्मेलन ‘एम्बकॉन-2026’ का भव्य शुभारंभ
- फोटो : Amar Ujala
भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (बीमिम्स), पावापुरी में शुक्रवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय बायोकेमिस्ट्री सम्मेलन ‘एम्बकॉन-2026’ का भव्य शुभारंभ हो रहा है। दो और तीन अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से जाने-माने बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, शोधकर्ता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस शैक्षणिक महाकुंभ में आधुनिक डायग्नोस्टिक टूल्स, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रयोगशाला प्रबंधन और समकालीन चिकित्सा अनुसंधान के उभरते पहलुओं पर गहन विमर्श किया जाएगा।
सटीक जांच और समय पर इलाज पर विशेष फोकस
सम्मेलन के सचिव डॉ. योगेश कृष्ण सहाय और डॉ. फरहा उस्मानी ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञ अपने शोध और व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि किसी भी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान और उसके प्रभावी उपचार में आधुनिक प्रयोगशाला जांच की भूमिका निर्णायक होती जा रही है। सत्रों के दौरान ऑटोमेशन, आणविक परीक्षण और डायग्नोस्टिक्स के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण के उच्च मानकों को बनाए रखने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
नवीन शोध और नैदानिक पद्धति के बीच बनेगा सेतु
आयोजन समिति की अध्यक्ष प्रो. डॉ. मधु सिन्हा ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बायोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक शोधों को नियमित क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में हर दिन नए बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में विशेषज्ञों के बीच संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है। इस मंच के माध्यम से बीमिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और युवा वैज्ञानिकों को देश के शीर्ष विशेषज्ञों से सीधे रूबरू होने और नवीनतम चिकित्सकीय तकनीकों को करीब से समझने का अमूल्य अवसर मिलेगा।
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संस्थान के शैक्षणिक विकास को मिलेगी नई गति
बीमिम्स पावापुरी में पहली बार बायोकेमिस्ट्री विषय पर इतने व्यापक स्तर के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इससे न केवल संस्थान की अकादमिक साख मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर शोध संस्कृति को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। दो दिवसीय इस आयोजन में प्रतिभागी अपने शोध पत्र, केस स्टडीज और नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे भविष्य में चिकित्सकीय जांच प्रणालियों को और अधिक पारदर्शी, सटीक व जनसुलभ बनाने में मदद मिलेगी।