अब जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी खुद जनता के द्वार पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबका सम्मान, जीवन आसान मुहिम के तहत आज मंगलवार को पटना जिला के 23 प्रखंडों की 41 ग्राम पंचायतों और 17 नगर निकायों के वार्डों में कुल 67 स्थानों पर सहयोग शिविर का आयोजन हो रहा है। इस संबंध में पटना डीएम ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों का समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
एक ही छत के नीचे 19 विभाग
बिहार सरकार के निर्देश पर आम जनता की सुविधा के लिए आज शिविर लगाया गया है, जहां एक साथ 19 अलग-अलग विभागों के काउंटर लगाए गए हैं। इसके साथ ही लोगों को सही मार्गदर्शन देने के लिए 'मे आई हेल्प यू' नाम का एक काउंटर भी बनाया गया है। इन शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवन, नगर क्षेत्र के वार्ड के सरकारी भवनों या नजदीकी सार्वजनिक स्थलों पर किया जा रहा है। इसका मूल मकसद यह है कि जनता अपनी समस्या को लेकर शिविर में पहुंचे, जहां उनकी समस्याओं का तुरंत निबटारा हो जाए।
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30 दिन में होगा फैसला
बताया जाता है कि सहयोग शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही तय की गई है। शिविर में आने वाले हर आवेदन को जन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर उसका निपटारा कर आवेदक को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी जाएगी। शिविर की तारीख से 30 दिन पहले से ही आयोजन स्थल पर कर्मियों के माध्यम से आवेदन लेने की व्यवस्था की गई है, ताकि मौके पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। हालांकि, शिविर के दिन मौके पर भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
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अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश
इस संबंध में पटना के डीएम का सख्त आदेश है कि अधिकारी केवल खानापूर्ति या कागजी खानापूर्ति न करें। जनता की संतुष्टि अनिवार्य है। शिविर की अध्यक्षता कर रहे सीनियर अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वे शिविर खत्म होने के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगे। काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं अंचल अधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अदालतों में लंबित और निष्पादित मामलों की सूची शिविर में प्रदर्शित करें।
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सप्ताह में दो दिन दफ्तरों में भी मिल सकते हैं अधिकारी
सात निश्चय-3 के तहत नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए एक और व्यवस्था लागू है। प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारी अपने कक्ष में मौजूद रहते हैं, जहां कोई भी नागरिक सीधे मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
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पटना में कहाँ लगाए गए कैंप ?
पटना में मुख्य रूप से मुरलीचक प्राथमिक विद्यालय, जगदेव पथ पाटलिपुत्र अंचल: गुरु सहाय लेन, सामुदायिक भवनबांकीपुर अंचल: सामुदायिक भवन, कदमकुआं कंकड़बाग अंचल: जल संसाधन कार्यालय (करबिगहिया बिजली ऑफिस के सामने)अजीमाबाद अंचल: उर्दू मध्य विद्यालय, नरकट घाटपटना सिटी अंचल: विश्वकर्मा सामुदायिक भवन, बाहरी बेगमपुर मंडी आदि में लगाया गया है।