रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी से छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर मामले में अंडरग्राउंड चल रहे खान सर समेत छह शिक्षकों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से शिक्षकों ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है। एसएसपी ने कहा कि आरोपी शिक्षकों को नोटिस लेने के लिए खुद थाने आना होगा। निर्धारित अवधि में थाने नहीं आने पर उनके घर पर नोटिस चस्पा किया जाएगा। कोचिंग संचालकों के साथ बैठक में पटना के एसएसपी डा.मानवजीत सिंह ढिल्लोा ने कहा था कि आरोपित कोचिंग संचालकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
सीआरपीसी के तहत ये है प्रावधान
पुलिस अधिकारी के मुताबिक आईपीसी की जिन धाराओं में शिक्षकों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें सात साल तक की सजा हो सकती है। इसके तहत मौके से गिरफ्तार किए गए छात्रों को जेल भेज दिया गया, लेकिन उनके बयान पर आरोपी शिक्षकों को जांच के बाद गिरफ्तार किया जाएगा। पत्रकार नगर थाना पुलिस ने आरोपी खान सर व छह अन्य शिक्षकों को सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि शिक्षकों को ना तो कोर्ट से जमानत मिली है और ना ही थाने में संज्ञान लेने आए हैं।
क्या है आरोप
एफआईआर के मुताबिक खान सर और अन्य शिक्षकों पर अभ्यर्थियों को भड़काने का आरोप है। गिरफ्तार छात्रों के बयान पर पत्रकार नगर थाने में खान सर समेत छह शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोचिंग सेंटर पर ताला, सभी आरोपी शिक्षक अंडरग्राउंड
पुलिस ने राजेंद्र नगर टर्मिनल में तोड़फोड़ करने के आरोप में तीन लखीसराय और झारखंड के एक छात्र को गिरफ्तार किया था। उनके बयान पर कोचिंग डायरेक्टर खान सर यानी फैसल खान, एसके झा, नवीन, अमरनाथ, गगन प्रताप और गोपाल वर्मा को आरोपी बताया गया था। इस घटना के बाद से खान सर के कोचिंग संस्थान में ताला लगा हुआ है। सभी को अंडरग्राउंड बताया जा रहा है।