दो साल पहले पाल होटल में लगी थी आग।
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पटना में अग्निशमन दस्ता की तैयारी कितनी?
इस संबंध में जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने कहा कि भीषण ग्रीष्म लहर और प्रतिकूल जलवायु परिस्थिति कोदेखते हुए बिहार अग्निशमन सेवा इस तरह की घटनाओं से निबटने के लिए सक्षम है। विभाग ने प्रतिरोध, प्रशिक्षण और प्रवर्तन की त्रिसूत्रीय रणनीति अपनाते हुए पटना जिले को अग्नि-विपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आज की तारीख में आग की बड़ी घटनाओं से निबटने के लिए 6 सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी, 4 अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी हैं। वहीं परिचालन दस्ता के रूप में 38 उप-अधिकारी, 77 प्रधान अग्निक, 247 अग्निक एवं 92 अग्निक चालकों की टीम हैं, जो 24 घंटे तैयार रहते हैं। इसके अलावे 22 वाटर टेंडर एवं 3 उच्च क्षमता वाले वाटर बाउजर भी मौजूद हैं।
39 मिस्ट टेक्नोलॉजी वाहन भी उपलब्ध है
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष आपदा निवारण यानी विद्युत् और केमिकल आग से निबटने के लिए पांच फोम टेंडर एवं उच्च-स्तरीय बचाव कार्यों के लिए पांच हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की व्यवस्था कि गई है। शहरी एवं संकरी क्षेत्र के लिए 39 मिस्ट टेक्नोलॉजी वाहन एवं 10 एम.टी. बुलेट्स की भी उपलब्धता है, जो जल संरक्षण के साथ त्वरित आग बुझाने में सक्षम हैं। इस संबंध में जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने कहा कि हमारी प्राथमिकता न केवल आग पर नियंत्रण पाना है, बल्कि जन-भागीदारी के माध्यम से आग लगने की घटनाओं को शून्य करना भी है।
दो साल पहले पटना के पाल होटल में क्या हुआ था?
दो साल पहले पटना में जंक्शन के ठीक सामने स्थित बहुमंजिल पाल होटल में भीषण आग लग गई थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे आग की सूचना सामने आयी और लगभग आधे घंटे के अंदर पूरी बिल्डिंग आग और धुएं से भर गई। इस घटना में छह लोगों की मौत हुई है। इसमें तीन महिला एवं तीन पुरुष थे। पीएमसीएच में इलाज के लिए लगभग 20 लोगों को भर्ती कराया गया था।