गर्दनीबाग में प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। (सांकेतिक तस्वीर)
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दिल्ली और रांची के बाद अब पटना में अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। गर्दनीबाग धरनास्थल पर दो अलग-अलग अभ्यर्थियों का गुट अनशन पर बैठा है। बिहार स्टूडेंट यूनियन और ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन ने बिहार में बीपीएससी TRE 4, BPSC 70वीं, दरोगा भर्ती समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई मांगे उठाई हैं। खास बात यह है कि इस आंदोलन को देखते हुए बिहार लोक सेवा आयोग कुछ ही देर में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी करने जा रहा है। इधर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि अधिक से अधिक पदों पर TRE 4 भर्ती का विज्ञापन जारी होने जा रहा है। हमने जितनी घोषणा की थी इस बार उससे ज्यादा वैकेंसी निकलेगी।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार को क्या अल्टीमेटम दिया?
मंगलवार को छात्र नेता दिलीप कुमार ने नेतृत्व में बड़ी संख्या में गर्दनीबाग में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और रघुपति राघव राजा राम के साथ छात्र न्याय सत्याग्रह की शुरुआत हुई। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन छात्र न्याय सत्याग्रह आंदोलन पर बैठे हैं। दिलीप कुमार ने कहा कि हमलोगों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में अगर TRE 4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो हमलोग शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास का घेराव करेंगे।
बिहार CGL, ASO और BSO समेत सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द कराने की मांग
छात्र नेता सौरभ कुमार ने कहा कि हमलोग ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन के बैनर बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर 13 सूत्री मांगें उठाई हैं। हमलोगों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को पूरी तरह निरस्त करने की मांग करते हैं। इसके अलावा BSSC की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट, CGL, ASO और BSO समेत सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग की गई है। इसके अलावा TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के साथ पूर्व की परीक्षाओं की तर्ज पर एक परीक्षा और ‘एक अभ्यर्थी, एक रिजल्ट’ व्यवस्था लागू करने की मांग करते हैं। वहीं, 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निरस्त करने और परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। अभ्यर्थियों ने BPSC की ओर से आयोजित AED0 समेत विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।