जवाब: कल मुझे लगता है इस समय तक प्रचार समाप्त हो जाएगा। 11 तारीख को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान है। पहले चरण के मतदान ने हम लोगों के विश्वास को बढ़ाया है कि जो टारगेट हम लोग लेकर चल रहे थे, उसे हम लोगों ने हासिल किया है। हम लोग 160-165 के आसपास ऑलरेडी पहुंच गए हैं। दूसरे चरण का प्रचार अब धीरे-धीरे जैसे और पीक पे जा रहा है, मैं ये मान रहा हूं कि 11 तारीख को जब मतदान होगा, इस बार हम लोग ऑल टाइम हाई, 2010 में जो स्ट्राइक रेट था, उसको भी हम लोग पार करके सरकार बनाएंगे।
सवाल: एलजेपी (आर) को कहां देख रहे हैं पिछली बार से कितना बेहतर?
जवाब: 100% स्ट्राइक रेट की मैं बात करता हूं। मैं तो वही मैनिफेस्ट करूंगा, मैं चाहूंगा कि मैं 29 सीटों पे लड़ रहा हूं, 29 की 29 ही मैं जीतू और मैं मानता हूं कि ये एक जीत की बात है। हम लोगों के पांच दलों का जो गठबंधन है वो 2020 में अलग था, मैं अलग लड़ रहा था, उपेंद्र जी अलग लड़ रहे थे। उसके बावजूद हम लोग जीत गए थे। लेकिन इस बार एनडीए एक है और महागठबंधन में बिखराव है। फ्रेंडली फाइट की ये लोग बात करते हैं, मैं नहीं मानता कि दोस्ताना संघर्ष राजनीति में होता है। या तो आप दोस्त हैं या आप एक-दूसरे से लड़ रहे हैं, इसके बीच में कुछ नहीं है।। तो मैं नहीं मानता कि ऐसा होगा उसका नुकसान जरूर महागठबंधन को होगा। इसीलिए मैं मानता हूं कि हम लोग इस बार फिर से जीत दर्ज कर रहे हैं।
सवाल: सीमांचल में भी वोटिंग होनी है। आपके एक ट्वीट के बाद कम से कम वह बोल रहे हैं कि अब हम एक मुसलमान उप मुख्यमंत्री देंगे, चेहरा भले ही बाद में बताएं।
जवाब: हां तो बिल्कुल करेंगे ही ना, दिखावा इनको करना है। दिल से आती नहीं ये बातें। इसीलिए तकलीफ होती है। अगर आपके दिल से ये आता, अगर सही में एमवाई समीकरण में एम (मुस्लिम) को आप सिर्फ अपना वोट बैंक नहीं समझते, दिल से उनके साथ जुड़ते, तो शायद मुसलमानों की आज ये हालत नहीं होती। 2006 में सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, उससे पहले अधिकांश समय केंद्र में कांग्रेस और बिहार में राजद राज कर रही थी। उसके बाद सच्चर कमेटी अगर यह कहती है तो ये लोग दिल से नहीं करना चाहते हैं। दिखावे के लिए जरूर करेंगे, अभी भी करेंगे तो दिखावे के लिए ही करेंगे।
पढे़ं: समस्तीपुर में वीवीपैट पर्चियां फेंकी मिलीं, डीएम ने एफआईआर दर्ज कराई; जांच के आदेश
सवाल: काम करता क्या दिखाई दे रहा है? बोल रहे हैं बहुत अचीव कर लिया। क्या काम कर रहा है?
जवाब: द पावर ऑफ डबल इंजन। मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का अनुभव, जीतन राम मांझी जी का समर्थन, उपेंद्र कुशवाहा जी का साथ और चिराग पासवान का बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट।