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Danapur Chunav Result 2025: भाजपा के रामकृपाल यादव 29133 वोटों से जीतें, राजद के रीतलाल यादव हारे

Fri, 14 Nov 2025 08:48 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दानापुर

सार

Danapur Vidhan sabha Chunav result 2025: दानापुर विधानसभा सीट पर बिहार चुनाव 2025 का नतीजा आ गया है। यहां मुकाबला बेहद रोमांचक बना हुआ था। हालांकि भाजपा के रामकृपाल यादव ने जीत दर्ज कर ली है। 
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Danapur Chunav Result 2025 : दानापुर विधानसभा चुनाव परिणाम अपडेट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दानापुर में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर परिणाम आ गया है। यहां रीतलाल यादव और रामकृपाल यादव के बीच कांटे की टक्कर थी। हालांकि जीत भाजपा के रामकृपाल यादव ने दर्ज कर ली। 

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30 वें राउंड में भाजपा की बड़ी बढ़त बरकरार
30 वें राउंड में रामकृपाल यादव को 119887 वोट मिले हैं। वहीं, आरजेडी के रीतलाल को 90774 वोट मिले हैं। भाजपा इस सीट पर 29133 वोटों से आगे है।

15 वें राउंड में रीतलाल 14 सौ से अधिक वोटों से आगे
दानापुर सीट पर 15 वें राउंड की मतगणना में 12 बजकर 30 मिनट तक आरजेडी के रीतलाल 14 सौ से अधिक वोटों से आगे हैं। वहीं, जदयू के राम कृपाल यादव पीछे चल रहे हैं। 

कैसा रहा इतिहास
1995 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दो विधानसभा सीटों राघोपुर और दानापुर से चुनाव लड़े थे। लालू यादव को दोनों सीटों पर जीत मिली थी। दानापुर में उन्होंने भाजपा के विजय सिंह यादव को 23,860 वोट से हरा दिया। दोनों सीटों पर जीत के बाद लालू प्रसाद यादव ने दूसरी राज्य की कमान संभाली। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राघोपुर सीट अपने पास रखी और दानापुर सीट से इस्तीफा दे दिया। लालू के इस्तीफे के बाद इस सीट पर दोबारा उपचुनाव हुए। इस उपचुनाव में भाजपा के विजय सिंह यादव ने बाजी मार ली। 
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साल 2000 में जब विधानसभा चुनाव हुए तो एक बार फिर लालू यादव दानापुर सीट से मैदान में थे। इस बार का चुनाव उन्होंने राजद सुप्रीमो के तौर पर लड़ा। राज्य की कमान उनकी पत्नी राबड़ी देवी के हाथ में थी। इस चुनाव में भी लालू यादव ने दानापुर सीट पर जीत दर्ज की। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भाजपा के रामानंद यादव को 17,555 वोट से हरा दिया। 1995 की तरह ही 2000 में भी लालू दो सीटों राघोपुर और दानापुर से चुनाव लड़े। दोनों सीट पर उन्हें जीत मिली। हालांकि इस बार उन्होंने राघोपुर सीट छोड़ दी। राघोपुर सीट पर उपचुनाव हुआ तो उनकी पत्नी और तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी यहां से जीतकर विधायक बनीं। वहीं 2002  में लालू यादव के इस्तीफे की वजह से दानापुर सीट पर भी उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में राजद में आए रामानंद यादव को जीत मिली थी। राजद के रामानंद यादव को 75,935 वोट मिले। रामानंद यादव ने भाजपा के सत्यता सिंह को हराया। सत्यता सिंह को महज 17,928 वोट से संतोष करना पड़ा।
     
 

2005: आशा देवी का गढ़ बनी सीट
आशा देवी भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की पत्नी हैं। 30 अप्रैल 2003 को पटना के खगौल में सत्यनारायण सिन्हा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रीतलाल यादव भी आरोपी थे। सतनारायण सिन्हा अपनी निजी गाड़ी से कहीं जा रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनपर गोलियां चला दीं और उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड में चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था, उसी में दानापुर से आरजेडी के बाहुबली विधायक रीतलाल यादव थे। इसके बाद आशा देवी ने 2005 में दानापुर सीट पर चुनाव लड़ा और जीता। 

2005 में भाजपा की आशा देवी ने इस सीट पर पहली बार चुनाव जीता था। इसके बाद लगातार वह चार चुनाव में उन्हें इस सीट पर जीती। 2005 में दो बार बिहार में चुनाव हुए थे। इन दोनों ही चुनावों में भाजपा की आशा देवी ने जीत दर्ज की थी। पहले चुनाव में भाजपा की आशा देवी ने राजद के डाॅ. रामानंद यादव को 7,664 वोट से हरा दिया था।  अक्तूबर 2005 के दूसरे चुनाव में भी मुकाबला पिछले उम्मीदवारों के बीच में ही था। इस बार भाजपा की आशा देवी ने राजद के रामानंद यादव को 17,162 वोट से हरा दिया था।

2010 के चुनाव में भी भाजपा की आशा देवी को ही जीत मिली थी। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रीत लाल राय को 17,919 वोट से हरा दिया था। रीत लाला यादव ने जेल से ही 2010 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था। 2015 में भाजपा की आशा देवी ने राजद के राज किशोर यादव को 5,209 वोट से हरा दिया था। 

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