जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर
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जनसुराज पार्टी के राघोपुर प्रखंड के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह से पहले केस हुआ है। उन पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा है। दरअसल, प्रशांत किशोर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में शनिवार को किए गए चुनाव प्रचार करने गए थे। इसी दौरान प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला पाया। इसलिए अनुमित लेने वाले प्रखंड अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने एफआईआर दर्ज की गई है।
इस बारे में वैशाली के सदर वन डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि यह मामला राघोपुर थाना में दर्ज हुआ है। हालांकि, एफआईआर में प्रशांत किशोर को आरोपी नहीं बनाया गया है। कार्यक्रम की अनुमति सतेन्द्र प्रसाद सिंह के नाम पर ली गई थी, इसलिए उन्हीं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीएसपी ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। हाजीपुर के अनुमंडल पदाधिकारी उन जगहों का दौरा कर रहे हैं जहां-जहां प्रशांत किशोर गए थे। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर में और नाम जोड़े जा सकते हैं।
पीके बोले- ‘इतने एफआईआर पहले से हैं, एक और सही’
इस मामले में प्रशांत किशोर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ पहले से इतने एफआईआर दर्ज हैं, एक और हो गया तो क्या फर्क पड़ता है। जब यह पूछा गया कि चुनाव आयोग प्रचार से रोक सकता है, तो उन्होंने बेपरवाही से जवाब दिया कि कोई बात नहीं, अगर रोक देंगे तो रुक जाऊंगा। वहीं विधानसभा प्रत्याशियों की सूची जारी करने के सवाल पर कहा कि 13 अक्तूबर को जनसुराज की दूसरी सूची जारी होगी।
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तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं पीके
अब यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि प्रशांत किशोर खुद राघोपुर से तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। गौरतलब है कि तेजस्वी इस सीट से लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश में हैं, और इससे पहले उनके माता-पिता राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव भी यहां से विधायक रह चुके हैं।