बिहार की राजनीति में फिल्मी दुनिया का रंग एक बार फिर गहराने वाला है। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और लोकप्रिय गायक खेसारी लाल यादव की राजनीति में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विशेष आग्रह पर खेसारी लाल यादव मुंबई से पटना पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन की ओर से छपरा विधानसभा सीट से उनकी पत्नी चंदा देवी को टिकट मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
क्या बोलें खेसारी?
इधर, पटना पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में खेसारी लाल यादव ने कहा तेजस्वी भैया ने फोन कर बुलाया है। चुनाव लड़ने से मैंने मना कर दिया, तो उन्होंने कहा कि पत्नी को छपरा से चुनाव लड़वाओ। अभी मैं पत्नी को मनाने में लगा हूं। अगर वह मान जाती हैं, तो निश्चित रूप से टिकट लेकर छपरा से चुनावी मैदान में उतरूंगा। खेसारी ने हंसते हुए कहा कि अभी तो हम खुद पत्नी से लड़ रहे हैं, लेकिन शाम तक मान जाती हैं तो वो चुनाव लड़ सकती हैं।
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क्या है राजद की रणनीति?
दरअसल, खेसारी लाल यादव की भोजपुरी बेल्ट में जबरदस्त लोकप्रियता है, खासकर युवाओं और ग्रामीण वोटरों के बीच। पार्टी चाहती है कि उनकी लोकप्रियता का राजनीतिक फायदा उठाया जाए और छपरा जैसी हाई प्रोफाइल सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की जाए। इस कदम के जरिए राजद न सिर्फ भोजपुरी दर्शकों के बीच अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है, बल्कि सारण प्रमंडल के सारण, सिवान और गोपालगंज जिलों में यादव सहित अन्य समुदायों में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति बना रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेसारी लाल यादव की छवि एक संघर्षशील कलाकार की रही है। गरीबी से उठकर उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह उन्हें जनता से जोड़ता है। अगर उनकी पत्नी छपरा से चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो यह मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि इस सीट पर पहले से कई दिग्गजों की नजरें टिकी हैं। पार्टी की ओर से टिकट का औपचारिक एलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन तेजस्वी यादव और खेसारी लाल यादव के बीच हुई मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।