Bihar Diwas: राजगीर, बोधगया, पटना साहिब, वैशाली, और नालंदा जैसे ऐतिहासिक स्थल को संजोकर रखे हुए बिहार आज 113 साल का हो गया है। बंगाल प्रेसीडेन्सी से अलग होकर अस्तित्व में आया ये राज्य एक ऐतिहिसक महत्व को दर्शाता है। आइये पलटते है इतिहास के पन्नों को और जानते हैं कैसे बना बिहार।
बुद्ध की धरती बिहार आज 113 साल की हो गई है। आज ही के दिन 1912 में बंगाल प्रेसीडेन्सी से अलग होकर बिहार एक अस्तित्व में आया था। बिहार दिवस न केवल राज्य के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक यात्रा का भी प्रतीक है।
क्षेत्रफल में था काफी बड़ा
महान गणितज्ञ आर्यभट्ट का जन्मस्थल
बिहार ने भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। यहां बोधगया में भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया, नालंदा विश्वविद्यालय को प्राचीन काल में ज्ञान केंद्र कहा जाता था। इसके अलावा बिहार को चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक जैसे महान सम्राटों के लिए भी जाना जाता है। महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट का जन्म भी बिहार में ही हुआ। ऐसे में हम ये कह सकते हैं कि ये सभी बिहार की गौरवशाली धरोहर के प्रतीक हैं। इन सबके माध्यम से बिहार ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।
दशरथ मांझी जैसे शख्स ने लिया जन्म
बिहार की धरती से रामधारी सिंह दिनकर, बाबा नागार्जुन (बैधनाथ मिश्र यात्री) जैसे महान कवि निकले हैं। गया में दशरथ मांझी जैसे शख्स ने जन्म लिया, जिन्होंने पहाड़ का सीना चीरकर यह संदेश दिया कि इंसान के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इस धरती का इतिहास अत्यधिक गौरवपूर्ण रहा है।
क्यों मनाते हैं बिहार दिवस
बिहार दिवस 2025 पर लोग एकजुट होकर न केवल राज्य के ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करते हैं, बल्कि एक साथ मिलकर समाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प भी लेते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य बिहार की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती से स्थापित करना है। इस अवसर पर राज्य की लोक कला, संगीत, नृत्य और भोजन की विविधता का भी जश्न मनाया जाता है। अंत में, हम ये कह सकते हैं कि बिहार दिवस एक ऐसा अवसर है, जब बिहार की माटी से जुड़ी हर एक बात, उसकी समृद्ध संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने का सम्मान किया जाता है। यह राज्य के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बनकर उभरता है, जो हर बिहारी को अपनी जड़ों से जोड़ता है।
पढ़ें: मुजफ्फरपुर में धूमधाम से मनाया गया बिहार दिवस, प्रभात फेरी के साथ हुई शुरुआत; जानें