मानसून के आगमन को देखते हुए बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की तैयारियों को लेकर 14 जून को एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। इसमें राज्य के 16 बाढ़ प्रवण जिलों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया जिलों के अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन अधिकारी और सहायक आपदा प्रबंधन अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में बारिश की स्थिति, बाढ़ राहत सामग्री की दरें, पॉलिथीन शीट्स की उपलब्धता, निजी नाव मालिकों के साथ समझौते की स्थिति, सरकारी नावों की मरम्मत, किराया दरों का निर्धारण, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र का 24x7 संचालन, राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था, SDRF और NDRF टीमों की तैनाती और DSS पोर्टल पर रिपोर्टिंग जैसे बिंदुओं की समीक्षा की गई।
यह भी पढ़ें: अपराधियों की अब खैर नहीं! पटना पुलिस का ऑपरेशन लंगड़ा शुरू, दो थाना क्षेत्रों में मुठभेड़
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत काम करने और समय से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी, विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार और अविनाश कुमार, बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक सी.एन. प्रभु सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।