कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास
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कांग्रेस में विधायकों की टूट की खबर अफवाह निकली। दरअसल, पार्टी का ही एक धड़ा केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए अफवाहों को हवा दे रहा था। बिहार में कांग्रेस विधायकों का नब्ज टटोलने के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भक्तचरण दास ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीतियों पर मंथन किया।
बता दें, यहां जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव के संकेत मिलने लगेे हैं ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के रेस में कई लोग शामिल हैं। हालांकि इस संबंध में अभी खुलकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। लेकिन भक्तचरण दास से मिलने वाले विधायकों में से ही कुछ विधायकों का मानना है कि विधायक दल के टूट की खबर महज एक अफवाह है।
इस अफवाह को उड़ाने के पीछे प्रदेश कांग्रेस का ही एक गुट खड़ा है। विधायकों का मानना है कि केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान बिहार कांग्रेस की कमियों से भटकाए रखने के लिए विधायक दल में टूट की आशंका के अफवाह को हवा दी गई। बैठक में शामिल इन विधायकों का मानना है कि विधायक होने के नाते वह पार्टी के 19 विधायकों के संपर्क में रहते हैं और कभी भी किसी भी विधायक ने जदयू या किसी और पार्टी में जाने की कोई चर्चा तक नहीं की है।
यहां तक की मीडिया में कांग्रेस के विधायकों की टूटने की खबर पढ़कर तमाम विधायक फोन पर एक-दूसरे से हंसी-ठिठोली भी करते रहे हैं। इन विधायकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के बुरे प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार प्रदेश के कुछ बड़े नेताओं ने जानबूझकर विधायक दल के टूटने की आशंका को प्लांट करवाया ताकि केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान भटका रहे। और केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाया जा सके। अपनी नाकामी छुपाने के लिए इन नेताओं ने ही साजिश के तहत अफवाहों को बल दिया। इन विधायकों ने बताया कि प्रदेश प्रभारी को इस तथ्य से अवगत करवा दिया गया है।