24 अप्रैल यानी कल बिहार में नई सरकार और महागठबंधन के लिए अग्निपरीक्षा का दिन होगा। बिहार विधानसभा का विशेष सत्र कल बुलाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सदन में बहुमत साबित करनी पड़ेगी। इसके लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी है राष्ट्रीय जनता तांत्रिक गठबंधन के सभी विधायक आज शाम तक पटना पहुंच जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल 11:00 बजे विधानसभा पहुंचेंगे। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री (विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव )और एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता भी सदन में मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक पंडितों की मानें तो सम्राट चौधरी फ्लोर टेस्ट आसानी से पास कर जाएंगे। 202 में से एक विधायक कमम हो गए हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट के खाली होने के कारण अब 201 विधायकों के दम पर सम्राट चौधरी से आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे। हालांकि, तेजस्वी यादव की भी कल परीक्षा होनी है। पिछली बार 12 फरवरी 2024 को जब एनडीए सरकार को प्लोर टेस्ट पास करना था तो तेजस्वी यादव ने खेला होने का दावा किया था। खेला तो हुआ लेकिन तेजस्वी यादव के साथ। तेजस्वी के भरोसेमंद विधायक एनडीए के पाले में आकर बैठ गए। इस बार देखना होगा कि 35 विधायकों वाला महागठबंधन फ्लोर टेस्ट के दिन क्या करती है? नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नई सरकार बनने के बाद से काफी सक्रिय हैं। वह लगातार सम्राट चौधरी सरकार पर हमलावर हैं।
सम्राट चौधरी के लिए मंत्रिमंडल विस्तार बड़ी चुनौती
दिल्ली जाकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े समेत कई दिग्गजों से मुलाकात कर चुके हैं। सूत्र बता रहे हैं कि सम्राट चौधरी अपने साथ मंत्रिमंडल की लिस्ट भी लेकर गए थे लेकिन अब तक उस पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तो नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टी की ओर से मंत्रिमंडल लिस्ट पर कहीं कोई दिक्कत नहीं है। मामला भाजपा में ही अटका हुआ है। उदाहरण के तौर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का ही नाम ले लें। जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तब सम्राट चौधरी के साथ विजय सिन्हा को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गया था यानी दोनों को समकक्ष रखा गया था। अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन गए हैं और दोनों डिप्टी सीएम का पद भी जदयू के कोटे में चला गया है, इसलिए भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा को कौन सा पद दिया जाए? इस पर विमर्श चल रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि विजय सिन्हा को दुबारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग समेत कुछ बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। विजय सिन्हा समेत कुछ वरिष्ठ नेताओं का मामला दिल्ली दरबार में चला गया है और फाइल वहीं अटकी हुई है।
Bihar News : तेजस्वी यादव ने बताया चुनाव के आखिरी 30 दिनों में सरकार ने कितने बांटे? एनडीए को कोसा
कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार?
सूत्रों का कहना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता चुनाव में व्यस्त हैं। चुनाव खत्म होने के बाद ही कुछ होगा। चार मई से शीर्ष नेतृत्व को चुनाव कामों से आराम मिलेगा। इसके बाद बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर बातचीत होगी। संभावना है कि पांच मई को मंत्रिमंडल विस्तार हो जाए। फिलहाल मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री ही सारे विभागों का कामकाज दे रहे हैं।