पूनम कुंवर और उमा रानी।
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रोहतास की पूनम कंवर की सफलता की कहानी जानिए
पति की कैंसर से मृत्यु के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी पूनम कंवर पर आ गई थी। सिलाई-कढ़ाई से शुरुआत कर अब पूनम ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना देख रही हैं। पूनम कहती हैं कि अब मैं अपने बच्चों को बेहतर भविष्य दे सकती हूं। मुख्यमंत्री जी ने जो भरोसा दिया है, वह मेरी ज़िंदगी बदल देगा। बिहार सरकार की इस योजना के तहत आज 25 लाख महिलाओं को ₹2,500 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। इससे पहले 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 75 लाख महिलाओं के खातों में यह सहायता राशि दी जा चुकी है।
अरवल की उमा रानी की सफलता की कहानी जानिए
"अब मैं न केवल अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दूंगी, बल्कि आसपास की महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ूंगी।" यह कहना है अरवल की उमा रानी का। यह 2021 से बागवानी और कृषि से जुड़ा काम कर रही हैं। 39 वर्षीय उमा को योजना से मिली आर्थिक मदद से अपने कार्य को विस्तार देने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए उमा कहती हैं कि इस योजना ने मुझे हौसला और स्थायित्व दोनों दिया है।