Bihar: 16वें वित्त आयोग की बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार में 10 लाख 61 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 करोड़ 31 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शहरी क्षेत्रों में भी 34 हजार समूह काम कर रहे हैं। आगे क्या कुछ कहा...आइये जानते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के 'संवाद' में आयोजित 16वें वित्त आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 16वें वित्त आयोग का आना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. पनगढ़िया नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, जिससे वे बिहार की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
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बिहार में विकास की गाथा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2005 से सरकार ने कानून व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि पहले लोग शाम के बाद घरों से बाहर निकलने में डरते थे, लेकिन अब राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल है। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने कई योजनाएं चलाईं, जिनमें पोशाक योजना और साइकिल योजना प्रमुख हैं। इसके अलावा, अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवा की व्यवस्था की गई है।
आधारभूत संरचना में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों, पुलों और एलिवेटेड रोड का निर्माण बड़े पैमाने पर हुआ है। हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
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जीविका दीदियों की सफलता
नीतीश कुमार ने 'जीविका' परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बिहार में 10 लाख 61 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 करोड़ 31 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शहरी क्षेत्रों में भी 34 हजार समूह काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से भी बिहार को लगातार सहयोग मिल रहा है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना, नए हवाई अड्डों का विकास और कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है।
मेमोरेंडम का प्रस्तुतिकरण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 16वें वित्त आयोग को बिहार की आवश्यकताओं को लेकर तैयार किया गया मेमोरेंडम सौंपा। उन्होंने विश्वास जताया कि आयोग बिहार की जरूरतों पर गंभीरता से विचार करेगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।