गौरतलब है कि कड़ाके की सर्दी के बावजूद पटना की सियासत में गर्माहट काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। फिलहाल राजभवन के करीबी सूत्र शपथ ग्रहण की तारीख का एलान नहीं कर रहे, लेकिन उनका दावा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार किसी भी वक्त हो सकता हैं। इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की तो कयासों का दौर शुरू हो गया।
माना जा रहा है कि बिहार एमएलसी चुनाव के लिए मैदान में उतरने वाले शाहनवाज हुसैन नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा भाजपा के ही एमएलसी सम्राट चौधरी के नाम पर भी काफी चर्चा चल रही है। दरअसल, सम्राट शकुनि चौधरी के बेटे हैं, जो ेनीतीश कुमार के लव-कुश समीकरण के मजबूत आधार माने जाते हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले जदयू के श्रवण कुमार के नाम पर भी काफी अटकलें लग रही है। दरअसल, श्रवण कुमार को सामाजिक समीकरणों के हिसाब से कैबिनेट में फिट माना जा रहा है, क्योंकि वह कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा जदयू के सुनील कुमार और महेश्वर हजारी के नाम पर भी काफी चर्चा हो रही है। ये दोनों दलित कोटे से हैं। बता दें कि सुनील कुमार पूर्व आईपीएस हैं और चुनाव से ठीक पहले ही वह जदयू में शामिल हुए थे। वहीं, महेश्वर हजारी पूर्व सांसद हैं और नीतीश कुमार की पिछली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। महेश्वर हजारी रामविलास पासवान के रिश्तेदार भी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बिहार के कैबिनेट विस्तार में जातिगत समीकरण पर फोकस रहेगा। ऐसे में पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के बेटे सुमित सिंह को राजपूत कोटे से मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। बता दें कि सुमित ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता और उसके बाद जदयू का दामन थामा। गौरतलब है कि नीतीश मंत्रीमंडल में इस वक्त कुल 13 मंत्री हैं। वहीं, कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में 23 और मंत्रियों के शामिल होने का अनुमान है।