लालू परिवार में मचे घमासान पर अब लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है। रोहिणी आचार्य द्वारा राजनीति से संन्यास लेने और परिवार से दूरी बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि वह समझते हैं कि जब कोई परिवार मुश्किल दौर से गुजरता है तो उसकी मानसिक स्थिति कैसी होती है।
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चिराग पासवान ने भावुक होते हुए कहा कि मैं खुद भी ऐसे दौर से गुजर चुका हूं। हमारे राजनीतिक मतभेद जरूर रहे होंगे, लेकिन मैंने हमेशा लालू प्रसाद यादव के पूरे परिवार को अपना परिवार माना है। तेजस्वी हों, तेज हों, मीसा या रोहिणी मैंने सभी को भाई-बहन की तरह माना है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि लालू परिवार का यह विवाद जल्द खत्म हो जाए। पासवान बोले कि परिवार में एकता हो तो इंसान बाहर की हर मुश्किल से लड़ सकता है। परिवार इस समय बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहा होगा।
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रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के फैसले पर पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि, "यह पूरी तरह पारिवारिक मामला है। इस पर परिवार के सदस्य ही बात करेंगे। पार्टी की शीर्ष नेतृत्व टीम इस मामले को देखेगी। अभी-अभी चुनाव परिणाम आए हैं। ऐसे परिणाम क्यों आए, इसकी क्या वजहें रही— इसका विश्लेषण किया जाएगा। उसके बाद ही हम कोई प्रतिक्रिया दे पाएंगे। रोहिणी जी ने जो मिसाल पेश की है, वह सभी जानते हैं। हर कोई ऐसी बेटी और बहन चाहता है..."
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रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर फिर लिखा, जिसके बाद लगातार बवाल बढ़ता चला जा रहा है। उन्होंने लिखा कि, "कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी .. सभी बेटी - बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा - भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं , अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे " .. सभी बहन - बेटियां अपना घर - परिवार देखें, अपने माता - पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें .. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली .. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया .. आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो।"